पश्चिम बंगाल चुनाव 2026
भगवा लहर में ढहा तृणमूल का किला, भवानीपुर में ममता बनर्जी को मिली करारी शिकस्त

06/05/2026-VIDYA SAGAR
कोलकाता – पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। दशकों से बंगाल की सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को जनता ने सिरे से नकार दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दो-तिहाई बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
चुनावी नतीजों का पूरा विवरण
बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए आए परिणाम किसी सुनामी से कम नहीं हैं:
-
भारतीय जनता पार्टी (BJP): 207 सीटें जीतकर पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।
-
तृणमूल कांग्रेस (TMC): केवल 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है।
-
अन्य: अन्य दलों के खाते में महज 7 सीटें गई हैं।
“यह बंगाल की जनता की जीत है। यह तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प की जीत है।” — भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जारी आधिकारिक बयान।
सबसे बड़ा उलटफेर: भवानीपुर में हारीं ‘दीदी’
इस चुनाव का सबसे चौंकाने वाला परिणाम भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से आया। ममता बनर्जी, जो बंगाल की राजनीति की अपराजेय चेहरा मानी जाती थीं, अपने ही गढ़ में चुनाव हार गई हैं। उनके पूर्व सहयोगी और अब भाजपा के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें एक कड़े मुकाबले में शिकस्त देकर ‘जायंट किलर’ का खिताब अपने नाम कर लिया है।
हार के मुख्य कारण (राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार)
-
सत्ता विरोधी लहर: 15 साल के शासन के बाद जनता के बीच बदलाव की तीव्र इच्छा।
-
कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार: संदेशखाली जैसी घटनाओं और भर्ती घोटालों ने सरकार की छवि को भारी नुकसान पहुँचाया।
-
संगठनात्मक बिखराव: चुनाव से ठीक पहले TMC के कई बड़े चेहरों का भाजपा में शामिल होना।
अगला कदम: नई सरकार का गठन
कोलकाता में भाजपा कार्यालय के बाहर उत्सव का माहौल है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा विधायक दल की बैठक कल बुलाई गई है, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होने की संभावना है, जिसे बेहद भव्य बनाने की तैयारी चल रही है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के खेमे में सन्नाटा पसरा है। ममता बनर्जी ने फिलहाल इस हार को “लोकतंत्र की हार” बताते हुए कानूनी विकल्पों पर विचार करने की बात कही है।



