हिमाचल में सेब बागवानों के लिए बड़ी खबर
अब डिजिटल होगी पूरी खरीद प्रक्रिया, CM सुक्खू ने दिए कड़े निर्देश

08/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला | हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के बागवानों के हितों की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार शाम को हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (HPMC) की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी सीजन के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सेब की खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और किसानों को सीधा लाभ मिले।
तैयारियों में ढील बर्दाश्त नहीं: खरीद केंद्रों की मिलेगी अग्रिम सूचना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत सेब खरीद शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद होनी चाहिए। बागवानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए खरीद केंद्रों की सूची और जानकारी पहले ही जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार छोटे और सीमांत किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।
HPMC संभालेगा पूरी कमान
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी सेब खरीद का पूरा दायित्व केवल HPMC के पास रहेगा।
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रिकॉर्ड खरीद: वर्ष 2025 में MIS के तहत रिकॉर्ड 98,540 मीट्रिक टन सेब की खरीद की गई।
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बदली व्यवस्था: पहले हिमफेड भी इस प्रक्रिया में शामिल होता था, लेकिन अब व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए इसे पूरी तरह HPMC को सौंप दिया गया है।
डिजिटलीकरण से आएगी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए कहा कि:
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अगले सीजन से डेटा और खरीद की पूरी चेन डिजिटल होगी।
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इससे बागवानों को उनके उत्पाद के वजन और ग्रेडिंग की सटीक जानकारी मिलेगी।
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भुगतान प्रक्रिया में तेजी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
यूनिवर्सल कार्टन और बकाया भुगतान पर बड़ी राहत
बागवानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए, सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली को पहले ही अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री ने साझा किया कि सरकार ने MIS के तहत बागवानों के पिछले बकाया भुगतान को चुकाने के लिए अब तक की सबसे बड़ी धनराशि जारी की है, जिससे हजारों किसान परिवारों को आर्थिक संबल मिला है।
बैठक में मौजूद रहे मुख्य व्यक्तित्व
इस महत्वपूर्ण बैठक में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव बागवानी सी. पॉलरासु, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और डिजिटल टेक्नोलॉजी निदेशक डॉ. निपुण जिंदल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री सुक्खू के ये निर्देश न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएंगे, बल्कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ ‘सेब उद्योग’ को आधुनिक तकनीक से जोड़कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।



