हिमाचल सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध, हर हाल में जारी रहेगी OPS: मुख्यमंत्री सुक्खू
Science Masters Association के प्रतिनिधिमंडल से मिले मुख्यमंत्री; केंद्र पर लगाया वित्तीय सहायता रोकने का आरोप

VIDYA SAGAR
शिमला, {10/05/2026}: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वर्तमान राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। आज शिमला में हिमाचल प्रदेश साइंस मास्टर्स एसोसिएशन (HPSMA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने हमीरपुर जिला अध्यक्ष विकास कौशल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की और अपनी प्रमुख मांगों को उनके समक्ष रखा।
पदोन्नति की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से TGT शिक्षकों को हेडमास्टर और प्रवक्ता के पदों पर शीघ्र पदोन्नत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि सरकार इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी ताकि शिक्षकों का मनोबल बना रहे।

“हर परिस्थिति में बहाल रहेगी पुरानी पेंशन योजना”
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में ओपीएस (OPS) बहाल कर अपने वादे को पूरा किया था। उन्होंने कहा:
“केंद्र सरकार की ओर से यूनिफUnifiedied Pension Scheme (UPS) लागू करने के लिए निरंतर दबाव डाला जा रहा है, लेकिन हिमाचल सरकार हर परिस्थिति में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को ही बहाल रखेगी।”
केंद्र पर वित्तीय घेराबंदी का आरोप
मुख्यमंत्री ने राज्य की वित्तीय चुनौतियों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ओपीएस लागू करने के निर्णय के कारण राज्य को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है:
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1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता केंद्र द्वारा बंद कर दी गई है।
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राजस्व घाटा अनुदान (RDG): पूर्व भाजपा सरकार को जहाँ 54,000 करोड़ रुपये मिले थे, वहीं वर्तमान सरकार को केवल 17,000 करोड़ रुपये मिल रहे हैं।
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कुल नुकसान: आरडीजी और अन्य अनुदानों में कटौती से राज्य को प्रतिवर्ष 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन तमाम आर्थिक अड़चनों के बावजूद राज्य सरकार प्रदेश के विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं को रुकने नहीं देगी।



