हिमाचल में ‘पशु मित्र’ बनने का सुनहरा मौका: सुक्खू सरकार भरेगी पद, ₹5000 मानदेय और अनूठी चयन प्रक्रिया
मात्र 4 घंटे की ड्यूटी और युवाओं के लिए स्वरोजगार का अवसर; 100 मीटर की दौड़ और 25 किलो वजन उठाने की शर्त अनिवार्य

VIDYA SAGAR
शिमला | 16 मई, 2026
मुख्य समाचार: हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और पशुपालकों को उनके घर द्वार पर सुविधाएं पहुंचाने के लिए ‘पशु मित्र’ योजना को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत प्रदेश भर में पशु मित्रों की भर्ती की जाएगी, जो पशुपालन विभाग और ग्रामीणों के बीच एक सेतु का काम करेंगे।
काम के घंटे और मानदेय
सरकार ने इस पद के लिए कार्य की प्रकृति और समय को बेहद लचीला रखा है:
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कार्य समय: चयनित उम्मीदवारों को दिन में केवल 4 घंटे अपनी सेवाएं देनी होंगी।
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मानदेय: इस अंशकालिक कार्य के बदले सरकार प्रति माह ₹5,000 का निश्चित मानदेय प्रदान करेगी।
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अतिरिक्त लाभ: मानदेय के अलावा, पशु मित्रों को विभाग द्वारा निर्धारित अन्य सेवाओं (जैसे टीकाकरण या कृत्रिम गर्भाधान) के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलने की भी संभावना है।
शारीरिक दक्षता परीक्षा: 25 किलो वजन के साथ दौड़
इस भर्ती की सबसे चर्चा का विषय इसकी चयन प्रक्रिया है। पशु मित्रों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में काम करना होता है, इसलिए सरकार ने शारीरिक फिटनेस के कड़े मानक तय किए हैं:
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दौड़ की शर्त: उम्मीदवारों को 100 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी।
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वजन का भार: दौड़ते समय उम्मीदवार को अपने कंधों या हाथों में 25 किलोग्राम वजन उठाना अनिवार्य होगा। यह परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए रखा गया है कि पशु मित्र फील्ड में दवाइयां और आवश्यक उपकरण आसानी से ले जा सकें।
ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार
पशुपालन मंत्री के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को उनके गांव में ही रोजगार से जोड़ना है। इससे न केवल युवाओं को आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि प्रदेश के दूरदराज के इलाकों में बीमार पशुओं को समय पर उपचार भी मिल सकेगा।



