बिजनेसलेटस्ट न्यूजहिमाचल न्यूज

डिपो संचालकों का दावा: राशन की बोरियों में कम निकला चावल, जांच की मांग

डिपो संचालक समिति ने खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम पर लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

हिमाचल में राशन वितरण पर उठे सवाल, चावल और सरसों तेल में कमी के आरोप


शिमला।: 11/June/2026

हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरित किए जा रहे राशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश डिपो संचालक समिति ने खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम पर राशन सामग्री में कमी आपूर्ति करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति का दावा है कि विभिन्न जिलों में डिपुओं तक पहुंच रही चावल की बोरियों और सरसों तेल की पेटियों में निर्धारित मात्रा से कम सामग्री मिल रही है।


समिति के अनुसार, 50 किलो से अधिक वजन वाली चावल की बोरियों में कई स्थानों पर केवल 43 से 48 किलो तक चावल ही पाया गया। इसके अलावा 12 लीटर क्षमता वाली सरसों तेल की पेटियों में भी कम तेल मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। डिपो संचालकों का कहना है कि इस स्थिति से उपभोक्ताओं के साथ-साथ डिपो संचालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


डिपो संचालक समिति ने आरोप लगाया कि राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता जांच की आवश्यकता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं की गई तो आम उपभोक्ताओं का सरकारी वितरण प्रणाली पर भरोसा प्रभावित हो सकता है।


समिति ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही राशन सामग्री की आपूर्ति के दौरान वजन और गुणवत्ता की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने का आग्रह भी किया है।

वहीं, मामले को लेकर उपभोक्ताओं में भी चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि राशन सामग्री में वास्तव में कमी पाई जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को उनका पूरा हक मिल सके।


फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि राशन सामग्री में कमी के आरोपों में कितनी सच्चाई है।


 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button