लेटस्ट न्यूजहिमाचल न्यूज

हिमाचल में युवाओं के लिए बड़ा ऐलान: इलेक्ट्रिक बसों पर 50% और डीजल बसों पर 30% सब्सिडी देगी सुक्खू सरकार

राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना (चरण-IV) को मंजूरी: 1,000 रूटों पर चलेंगी बसें, 5 साल तक हर महीने मिलेगी प्रोत्साहन राशि

VIDYA SAGAR

शिमला, 29 जून 2026

हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और राज्य में पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना (चरण-Ⅳ)’ शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत युवाओं को नई बसें खरीदने के लिए भारी सब्सिडी के साथ-साथ अगले पांच वर्षों तक मासिक परिचालन प्रोत्साहन (Monthly Operational Incentive) भी दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इसके जरिए ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करना है।


योजना की मुख्य विशेषताएं और वित्तीय लाभ

सरकार ने इस योजना को युवाओं के लिए बेहद व्यावहारिक और आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाया है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy):

    • इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी।

    • डीजल बसों की खरीद पर 30 प्रतिशत सब्सिडी।

  • मासिक परिचालन प्रोत्साहन (5 वर्षों तक):

    • इलेक्ट्रिक बस संचालकों को ₹65,000 प्रति माह

    • डीजल बस संचालकों को ₹50,000 प्रति माह

  • रूट और क्षमता: पूरे प्रदेश में 1,000 मार्ग (रूट) चिन्हित किए गए हैं। हर उपमंडल में कम से कम 10 रूट होंगे। इसके तहत न्यूनतम 32 सीटों वाली बसें ही मान्य होंगी।


महिलाओं और छात्रों के लिए सफर होगा सस्ता

इस योजना के तहत चलने वाली बसों में आम जनता, विशेषकर महिलाओं और विद्यार्थियों के लिए विशेष रियायतों की घोषणा की गई है:-

1. महिलाओं को छूट: इन बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं को किराये में 50 प्रतिशत की सीधी रियायत मिलेगी।

2. विद्यार्थियों को राहत: कक्षा 12वीं तक के छात्रों के लिए विशेष पास प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे वे बेहद रियायती दरों पर यात्रा कर सकेंगे।


कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता और शर्तें)

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:

मानदंड विवरण
मूल निवास आवेदक का हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
आयु सीमा आवेदक की उम्र 25 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
योग्यता/लाइसेंस वैध हेवी ड्राइविंग लाइसेंस (Heavy Driving License) और न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव
संचालन बस का संचालन स्वयं लाभार्थी (युवा) द्वारा किया जाएगा।
प्राथमिकता रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को वरीयता मिलेगी।

नोट: पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए सभी बसों में GPS आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य होगी।


“हरित हिमाचल और रोजगार हमारा संकल्प” — मुख्यमंत्री सुक्खू

योजना की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा:-

“यह योजना हमारी उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसके तहत हम युवाओं पर बिना आर्थिक बोझ डाले उन्हें मालिक बनाना चाहते हैं। इलेक्ट्रिक बसों पर दी जा रही 50% सब्सिडी कार्बन उत्सर्जन को कम करने और ‘हरित हिमाचल’ के हमारे सपने को पूरा करेगी। इससे न केवल युवाओं को स्थायी आजीविका मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और बाजारों तक पहुंच भी आसान होगी।”


यह योजना परिवहन विभाग, श्रम व रोजगार विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से धरातल पर उतारी जाएगी, जिससे प्रदेश के पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को एक नई गति मिलना तय है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button