हिमाचल प्रदेश: पूर्व स्वास्थ्य राज्य मंत्री राजा विजेंद्र सिंह का निधन, मुख्यमंत्री सुक्खू ने जताया गहरा शोक
नालागढ़ के विकास पुरुष और 5 बार के विधायक राजा विजेंद्र सिंह ने 80 वर्ष की आयु में दिल्ली में ली अंतिम सांस; राज्य में शोक की लहर।

VIDYA SAGAR
शिमला | 01 जुलाई, 2026
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हिमाचल प्रदेश की राजनीति के एक बड़े स्तंभ और पूर्व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री राजा विजेंद्र सिंह का बुधवार सुबह दिल्ली में निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे प्रदेश, विशेषकर सोलन जिले और नालागढ़ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मुख्यमंत्री ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राजा विजेंद्र सिंह के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा:
”राजा विजेंद्र सिंह का प्रदेश के विकास, विशेषकर सोलन जिला के नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के उत्थान में उल्लेखनीय योगदान रहा है। समाज कल्याण के लिए किए गए उनके कार्यों को प्रदेशवासी सदैव याद रखेंगे। उनका जाना हिमाचल की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्हें इस कठिन समय को सहन करने की शक्ति देने की कामना की।
ऐसा रहा राजा विजेंद्र सिंह का गौरवशाली राजनीतिक सफर
राजा विजेंद्र सिंह हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बेहद सम्मानित नाम थे। नालागढ़ क्षेत्र की जनता पर उनकी मजबूत पकड़ थी, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे 5 बार विधानसभा के लिए चुने गए।
5 बार विधायक: वे वर्ष 1977, 1982, 1985, 1990 और 1993 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदस्य (MLA) निर्वाचित हुए।
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मुख्य संसदीय सचिव:
मई 1982 से अप्रैल 1983 तक उन्होंने मुख्य संसदीय सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री:
उन्होंने वर्ष 1983-84 और फिर 1988-89 के दौरान हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई।
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नालागढ़ और सोलन की जनता के दिलों में उनके कल्याणकारी कार्यों और सरल स्वभाव के कारण वे हमेशा जीवित रहेंगे।



