मुख्यमंत्री ने HPSFDCL की 216वीं निदेशक मंडल की बैठक की अध्यक्षता की
ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण और पारदर्शिता के शीर्षक पर तेज़ी से क्रियान्वयन व निगरानी पर जोर

VIDYA SAGAR
प्रदेश,3 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश सोशल एंड फाइनेंस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (HPSFDCL) की 216वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक का आज मुख्यमंत्री ने अध्यक्षता की। बैठक में कंपनी की वित्तीय प्रगति, चल रही परियोजनाओं की समीक्षा तथा आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन व निगरानी प्रणाली सुदृढ़ करने पर केंद्रित विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
बैठक के प्रमुख निर्णय और चर्चा के बिंदु
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परियोजना प्रगति रिपोर्ट: HPSFDCL द्वारा संचालित ग्रामीण उद्यमिता, महिला स्वरोजगार और स्थानीय अवसंरचना विकास परियोजनाओं की त्रैमासिक प्रगति प्रस्तुत की गई। निदेशक मंडल ने कई परियोजनाओं के लक्ष्यों तथा प्रभावशीलता संकेतकों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधनों के निर्देश दिए।
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वित्तीय स्थिति एवं बजट समायोजन: कंपनी के चालू वित्तीय वर्ष के आय-व्यय विवरण और ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की गईं। बोर्ड ने कुछ प्राथमिक परियोजनाओं के लिए बजट संशोधन और धन आवंटन का समर्थन किया ताकि कार्ययोजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़े।
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नई पहलों का प्रस्ताव: ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्रों का विस्तार, महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को बैंकिंग एवं क्रेडिट सहायता, तथा सूक्ष्म अवसंरचना कार्यों के लिए तात्कालिक अनुदान नीति जैसे नए प्रस्तावों पर सहमति बनी।
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पारदर्शिता व निगरानी सुदृढ़ीकरण: परियोजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने हेतु डिजिटल ट्रैकिंग, तिमाही प्रदर्शन ऑडिट तथा जिला-स्तर पर सार्वजनिक प्रगति रिपोर्टिंग लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
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लाभार्थी फीडबैक व सोशल इम्पैक्ट: जिलास्तरीय सर्वेक्षणों और लाभार्थी समीक्षा के आधार पर कार्यक्रमों में सुधार हेतु निर्देश दिए गए। बैठक में स्थानीय स्तर पर प्राप्त फीडबैक को नीतिगत निर्णयो में शामिल करने पर सहमति बनी।
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मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि HPSFDCL का प्राथमिक उद्देश्य योजनाओं के वास्तविक सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को सुनिश्चित करना है, न कि केवल परियोजनाओं का संचालन। उन्होंने स्थानीय भागीदारी बढ़ाने, महिलाओं एवं युवाओं के लिए अवसर सृजित करने और हर पहल में उच्च पारदर्शिता बनाए रखने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयसीमा आधारित लक्ष्यों के साथ त्वरित क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिए और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
आगे की कार्यवाही
बोर्ड ने अगली तिमाही में प्रस्तुतियों के लिए विस्तृत रूपरेखा और माइलस्टोन तय करने का निर्णय लिया। साथ ही जिला स्तर पर स्टेकहोल्डर सम्मेलनों के माध्यम से समन्वय बढ़ाने और परियोजना प्रगति सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए।
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प्रभाव
बैठक में लिए गए निर्णयों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तिकरण तथा स्थानीय रोज़गार सृजन को मजबूती मिलने की संभावनाएँ बढ़ गई हैं। पारदर्शी निगरानी व वित्तीय समायोजन के कारण परियोजनाओं के कुशल व जवाबदेह व्यवहार से लाभार्थियों तक सेवाओं के बेहतर पहुँचने की उम्मीद जताई जा रही है।



