हिमाचल प्रदेश: ‘वीबी-जी-राम-जी योजना’ हिमाचल के हित में नहीं, केंद्र के सामने मुद्दा उठाएंगे सीएम सुक्खू
मनरेगा की जगह नई योजना लाने पर मुख्यमंत्री ने जताई आपत्ति; पंचायत घरों के लिए ₹30 करोड़ और स्वयं सहायता समूहों के लिए बड़े ऐलानों की बौछार।

VIDYA SAGAR
शिमला, 08 जुलाई 2026:
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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास को लेकर कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए, वहीं केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बंद कर उसकी जगह ‘वीबी-जी-राम-जी योजना’ लागू करने के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने साफ कहा कि यह बदलाव हिमाचल प्रदेश के हितों के खिलाफ है और राज्य सरकार इस मामले को केंद्र के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाएगी।
हिमाचल पर पड़ेगा 10% अतिरिक्त वित्तीय बोझ
मुख्यमंत्री सुक्खू ने नई योजना के गणित को समझाते हुए कहा कि अब तक मनरेगा के तहत केंद्र सरकार विकास कार्यों के लिए 100 प्रतिशत धनराशि उपलब्ध करवाती थी। लेकिन नई ‘वीबी-जी-राम-जी योजना’ में कुल खर्च का 10 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को अपनी जेब से वहन करना होगा। उन्होंने कहा:-
“हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों पर इससे अतिरिक्त और अनावश्यक बोझ पड़ेगा। हम ग्रामीण रोजगार की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होने देंगे, इसलिए इस नीति का विरोध किया जाएगा।”
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रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: भरे जाएंगे खाली पद
प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने विभाग में खाली पड़े पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में विभाग में नई भर्तियां की जाएंगी। इसके साथ ही:
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पंचायत घरों के लिए ₹30 करोड़: राज्य में जितने भी पंचायत घर अभी अधूरे या निर्माणाधीन हैं, उन्हें तेजी से पूरा करने के लिए सरकार 30 करोड़ रुपये जारी करेगी।
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ऊना जिला पंचायत संसाधन केंद्र: ऊना में बन रहे इस विशेष केंद्र के निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट देने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: ‘हिमाचल हाट’ और फूड वैन
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्तीय मदद तेज कर दी गई है।
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अब तक 310 स्वयं सहायता समूहों को 65.56 लाख रुपये की ऋण सहायता दी जा चुकी है।
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स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री (Marketing) के लिए शिमला में ‘हिमाचल हाट’ का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पंडोह और कुल्लू में भी नए शोरूम खोले जा रहे हैं, जबकि धर्मशाला में ऐसा शोरूम पहले से चल रहा है।
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महिलाओं के बिजनेस को पंख लगाने के लिए सरकार ने उन्हें फूड वैन उपलब्ध करवाई हैं और भविष्य में ऐसी और गाड़ियां दी जाएंगी।

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मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जुड़ेंगी सभी योजनाएं, ऑनलाइन होगी निगरानी
कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव को सख्त निर्देश दिए कि विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं को सीधे ‘मुख्यमंत्री डैशबोर्ड’ से जोड़ा जाए। इससे योजनाओं की प्रगति की लाइव ऑनलाइन निगरानी (Online Monitoring) की जा सकेगी और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सकेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विभाग के सचिव सी. पालरासु, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, निदेशक राघव शर्मा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



