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हिमाचल में नौकरियों की बौछार: सीबीएसई स्कूलों में 3468 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने दिए सख्त निर्देश

शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए चयन आयोग को भेजा गया मामला; जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर अब WhatsApp और Google Meet से होगा स्कूलों का ऑनलाइन निरीक्षण।

VIDYA SAGAR

शिमला, 08 जुलाई 2026:

हिमाचल प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर सुधार और शिक्षक भर्तियों की प्रक्रिया तेज कर दी है। बुधवार को शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने एलान किया कि प्रदेश के सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध सरकारी स्कूलों में 3,468 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी और शिक्षा सुधार योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाए।


भर्तियों का पूरा गणित: किस विभाग में कितनी नौकरियां?

बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने विभिन्न श्रेणियों के तहत चल रही भर्ती प्रक्रियाओं का ब्यौरा साझा किया:

  • नियमित पद (Regular Posts): 19 अलग-अलग श्रेणियों के 2,668 नियमित पदों को भरने का मामला ‘हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर’ को भेजा जा चुका है। इनमें संस्कृत, संगीत, वाणिज्य, कंप्यूटर विज्ञान, इतिहास, राजनीति विज्ञान, विज्ञान, कला और गृह विज्ञान जैसे विषय शामिल हैं।

  • अस्थायी शिक्षक: गणित और अंग्रेजी विषयों के लिए 800 अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, जिनमें से 292 अंग्रेजी और 284 गणित शिक्षक स्कूलों में ज्वाइन भी कर चुके हैं।

  • शारीरिक शिक्षक (PET): 870 शारीरिक शिक्षा अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें से 355 पदों की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है। इसके अलावा 486 नए पद सृजित किए गए हैं।

  • मल्टी टास्क वर्कर: स्वीकृत 8,000 पदों में से 6,703 पद भरे जा चुके हैं और शेष पदों को भी जल्द भरने को कहा गया है।

  • शास्त्री पद: काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद 191 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र जारी कर दिए गए हैं।



डिजिटल पढ़ाई पर जोर: फ्री टैबलेट और BSNL इंटरनेट

शिक्षा मंत्री ने डॉ. वाई.एस. परमार डिजिटल विद्यार्थी योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 से 2024-25 के बीच अब तक 9,359 मेधावी छात्रों को टैबलेट बांटे जा चुके हैं। बचे हुए पात्र छात्रों को बिना किसी देरी के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से योजना का लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं।

डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए राज्य के 524 स्कूलों में पुराने कंप्यूटरों को बदला जा रहा है। साथ ही, 777 सरकारी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए बीएसएनएल (BSNL) के साथ नेटवर्किंग टेंडर प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।



स्मार्ट मॉनिटरिंग: WhatsApp और Google Meet से होगा निरीक्षण

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और समय की बचत के लिए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने एक बेहद आधुनिक कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर हिमाचल में भी व्हाट्सएप और गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन निरीक्षण व्यवस्था अपनाई जाएगी। इससे स्कूलों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से होगी और ढिलाई बरतने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।


छात्रों और शिक्षकों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • 1% ब्याज पर ₹20 लाख का लोन: ‘डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना’ के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को मात्र 1 प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने इस प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने के निर्देश दिए।

  • आपदा प्रभावित स्कूलों को ₹19 करोड़: वर्ष 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी (PWD) और हिमुडा (HIMUDA) को 19 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

  • AI यूनिवर्सिटी की स्थापना: राज्य में प्रस्तावित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विश्वविद्यालय की स्थापना और प्रवासियों के स्कूल न जाने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की भी समीक्षा की गई।

  • SMC अध्यापकों को दूसरा मौका: प्रथम प्रयास में असफल रहे एसएमसी (SMC) अभ्यर्थियों को सरकार एक और अवसर प्रदान करेगी।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, समग्र शिक्षा के परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली और उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह सहित विभाग के कई आला अधिकारी उपस्थित रहे।

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