लेटस्ट न्यूजहिमाचल न्यूज

प्रदेश में तीन वर्षों में खनिजों से प्राप्त राजस्व में 70% की बढ़ोतरी: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल खनन पर जोर; अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई और पड़ोसी राज्यों से शुल्क मुद्दे पर बातचीत के निर्देश

Advertisement

VIDYA SAGAR-29/07/2026

शिमला — हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान खनिजों के दोहन से प्राप्त राजस्व में अभूतपूर्व 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उद्योग विभाग के खनन विंग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में मुख्य और लघु खनिजों से राज्य को 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 340 करोड़ रुपये हो गया है।


पड़ोसी राज्यों और केंद्र से जुड़े मुद्दों पर सख्त रुख

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती राज्यों और केंद्र सरकार से जुड़े राजस्व संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया:

  • सीमावर्ती राज्यों द्वारा अतिरिक्त शुल्क: पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड द्वारा हिमाचल से ले जाए जाने वाले लघु खनिजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से अंतरराज्यीय परिवहन प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री ने विभाग को इस मामले को कानूनी और विधिक तरीके से पड़ोसी राज्यों के समक्ष उठाने के निर्देश दिए।

  • चूना पत्थर की रॉयल्टी दरें: वर्ष 2014 के बाद से केंद्र सरकार द्वारा चूना पत्थर की रॉयल्टी दरों में संशोधन न किए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल अपने वाजिब हक के लिए इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष मजबूती से रखेगा।


पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक खनन प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलने चाहिए। हिमाचल की संवेदनशील पारिस्थितिकी (Ecology) को ध्यान में रखते हुए उन्होंने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:

  • पर्यावरण अनुकूल दोहन: खनन गतिविधियां पूरी तरह से वैज्ञानिक, सतत और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए।

  • प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा: नदियों, नालों और वन क्षेत्रों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

  • अवैध खनन पर नकेल: चिन्हित क्षेत्रों से बाहर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • “हिमाचल प्रदेश की नाजुक पारिस्थितिकी और प्राकृतिक धरोहर का संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सतत और जिम्मेदार खनन को बढ़ावा देना सभी हितधारकों की जिम्मेदारी है।”“हिमाचल प्रदेश की नाजुक पारिस्थितिकी और प्राकृतिक धरोहर का संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सतत और जिम्मेदार खनन को बढ़ावा देना सभी हितधारकों की जिम्मेदारी है।”ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री (हिमाचल प्रदेश)


बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, सचिव (पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन) डॉ. सुशील कुमार सिंगला, निदेशक उद्योग विवेक भाटिया, संयुक्त सदस्य सचिव (हिमकोस्ट) डॉ. सुरेश चन्द अत्री सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button