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राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकायों के आम चुनाव-2026 की रिपोर्ट की प्राप्त

राज्य निर्वाचन आयोग के प्रयासों की सराहना, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने पर जताई प्रसन्नता

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VIDYA SAGAR

शिमला (30 जुलाई, 2026) — हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता को आज राजभवन (लोक भवन) में राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने ‘हिमाचल प्रदेश स्थानीय निकायों के आम चुनाव-2026’ की आधिकारिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।

यह विस्तृत रिपोर्ट मई 2026 में राज्य भर में आयोजित पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के चुनावों की संपूर्ण कार्य योजना, प्रशासनिक तैयारियों, संचालन और उपलब्धियों पर आधारित है।


🏛️ राज्यपाल ने की स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की प्रशंसा

रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की सराहना की।

राज्यपाल का संदेश:

“सशक्त, उत्तरदायी और जवाबदेह संस्थाएं जीवंत लोकतंत्र की आधारशिला हैं। यह रिपोर्ट नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, प्रशासकों और आम नागरिकों के लिए एक महत्त्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज सिद्ध होगी। हिमाचल की जनता और राजनीतिक दलों ने लोकतांत्रिक मूल्यों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर साबित किया है।”

राज्यपाल ने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे निष्ठा और ईमानदारी के साथ जनकल्याण के लिए काम करेंगे।


📊 परिसीमन के बाद बढ़ा स्थानीय शासन का दायरा (2021 बनाम 2026)

हाल ही में हुए नए परिसीमन के बाद प्रदेश में ग्रामीण और शहरी निकायों का दायरा काफी बढ़ गया है:

स्थानीय निकाय का प्रकार वर्ष 2021 में संख्या वर्ष 2026 में संख्या
ग्राम पंचायतें 3,615 3,758
पंचायत समितियां 81 92
नगर पंचायतें 27 39
नगर निगम (Municipal Corporations) 5 8

🗳️ लोकतंत्र में भारी भागीदारी: मतदाता आंकड़े व वोटिंग प्रतिशत

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है:

  • 👥 कुल मतदाता (2026): 54.55 लाख

  • 🗳️ पंचायती राज चुनाव मतदान प्रतिशत: ~80% (ग्रामीण क्षेत्रों में भारी उत्साह)

  • 🏙️ शहरी निकाय चुनाव मतदान प्रतिशत: 70.14%


⚖️ न्यायिक चुनौतियों के बाद समयबद्ध चुनाव

रिपोर्ट में चुनाव प्रक्रिया के दौरान सामने आईं विभिन्न चुनौतियों, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में चली न्यायिक कार्यवाहियों तथा मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का विस्तार से विवरण दिया गया है। आयोग ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के साथ उत्कृष्ट समन्वय स्थापित कर कानूनी बाधाओं को दूर करते हुए इन चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

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