लेटस्ट न्यूजशिक्षाहिमाचल न्यूज

राज्यपाल ने 32 शिक्षकों को प्रदान किए राज्य शिक्षक पुरस्कार विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं मूल्य-आधारित शिक्षा महत्त्वपूर्णः राज्यपाल

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह में 32 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए तथा वर्ष 2025 के लिए एक शिक्षक को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया।

Advertisement

5 सितम्बर, 2026

(Viren Thakur)

राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी सभी की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को शिक्षा एवं संस्कार प्रदान करने की अपनी जिम्मेदारी के प्रति सदैव संवेदनशील होना चाहिए, तभी शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया वास्तव में प्रभावी बन सकती है।

राज्यपाल ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शिक्षक न केवल विद्यार्थियों के भविष्य बल्कि राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्य पुस्तकों का ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं होते, बल्कि शिक्षक विद्यार्थियों में मूल्य, चरित्र और आत्मविश्वास का निर्माण भी करते हैं तथा उनके जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी कक्षाओं में आकार लेता है और शिक्षक ही उस भविष्य का निर्माण करते हैं।

राष्ट्र निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्त्व को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी आवश्यक होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजबूत और विकसित भारत की नींव के रूप में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं मूल्य-आधारित शिक्षा को उच्च प्राथमिकता दी है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा अब केवल परीक्षाओं और डिग्रियों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसमें ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, अनुसंधान और चरित्र निर्माण पर भी अधिक ध्यान दिया जा रहा है। पीएम श्री स्कूल, निपुण भारत, समग्र शिक्षा, डिजिटल शिक्षा और अटल टिंकरिंग लैब जैसी पहल विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और 21वीं सदी के कौशल विकसित करने के अवसर प्रदान कर रही हैं।

Advertisement

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीक के दौर में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्त्वपूर्ण हो गई है। तकनीक शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया को सुगम बना सकती है, लेकिन शिक्षक द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रेरणा, मार्गदर्शन, स्नेह और संस्कार का स्थान तकनीक कभी नहीं ले सकती।

हिमाचल प्रदेश की शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश ने परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों व शिक्षा विभाग को बधाई देते हुए कहा कि आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान में हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत, निपुण भारत और पीएम श्री जैसी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच तथा 21वीं सदी के आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद मिल रही है।

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार के निरंतर प्रयासों और शिक्षकों की प्रतिबद्धता से हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण, समावेशी, नवाचारी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में और मजबूत होकर उभरेगा।

उन्होंने कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों का समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार तब होता है, जब विद्यार्थी उन्हें जीवनभर याद रखें और अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए सार्थक योगदान दें।

राज्यपाल ने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि वे ज्ञान एवं संस्कार की रोशनी से आने वाली पीढ़ियों के जीवन को निरंतर प्रकाशित करते रहेंगे।

इस अवसर पर राज्यपाल ने एक स्मारिका का भी विमोचन किया।

शिक्षा मंत्री ने सरकार की पहलों पर प्रकाश डाला

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका जीवन और योगदान शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और प्रदेश की साक्षरता दर 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। सभी सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत की गई है, जबकि स्थानीय भाषाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए युक्तिकरण किया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई एक्सपोजर पहल का भी उल्लेख किया, जिसके तहत विद्यार्थियों को देश के विभिन्न हिस्सों में शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जा रहा है और शिक्षकों को भी विदेशों में एक्सपोजर विजिट के लिए भेजा जा रहा है।

शिक्षकों की सफलता की कहानियों का दस्तावेजीकरण दूसरों को प्रेरित कर सकता हैः राजेश धर्माणी

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।

पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों ने पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन किया है तथा कई अवसरों पर अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों की सफलता की कहानियों का दस्तावेजीकरण कर उन्हें अन्य शिक्षकों के साथ साझा किया जाना चाहिए, ताकि वे उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकें।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में शिक्षकों की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी है और इस दिशा में अगला लक्ष्य उत्कृष्ट संस्थानों का विकास करना होना चाहिए।

इससे पहले, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्यपाल को सम्मानित किया।

शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने राज्यपाल का स्वागत किया और स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर और राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, प्रधान सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन, राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह तथा अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

 

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button