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शिमला में शर्मसार हुई देवभूमि: दिल्ली-रोहड़ू HRTC वोल्वो बस के चालक पर पर्यटकों का जानलेवा हमला, राज्य में भारी आक्रोश

कच्ची घाटी में हुई गुंडागर्दी; बुरी तरह लहूलुहान हुआ सरकारी बस का चालक, स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने की तुरंत कड़ी कार्रवाई की माँग।

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24/05/2026-VIDYA SAGAR

शिमला। हिमाचल प्रदेश को अपनी शांति, सभ्यता और मेहमाननवाज़ी के लिए जाना जाता है, लेकिन हाल ही में राजधानी शिमला से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। शिमला के कच्ची घाटी क्षेत्र में कुछ पर्यटकों द्वारा दिल्ली से रोहड़ू जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की वोल्वो बस के चालक के साथ सरेआम मारपीट और गुंडागर्दी का मामला प्रकाश में आया है। हमले में बस चालक गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान हुआ है।


कच्ची घाटी में सरेआम गुंडागर्दी

मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली से रोहड़ू रूट पर चल रही HRTC की वोल्वो बस जब शिमला के कच्ची घाटी के पास पहुँची, तो वहां मौजूद कुछ पर्यटकों के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पर्यटकों ने कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर बस के चालक पर हमला बोल दिया। हुड़दंगियों ने चालक के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और कपड़े खून से सन गए।



सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा

इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय निवासियों और प्रदेश के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि:

“पर्यटकों का हिमाचल प्रदेश में स्वागत है, लेकिन इस तरह का हिंसक और अराजक बर्ताव किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे तत्व शांत राज्य का माहौल खराब कर रहे हैं।”

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कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल, कड़ी कार्रवाई की माँग

इस जानलेवा हमले के बाद एचआरटीसी कर्मचारियों और आम जनता ने सरकार तथा पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े सवाल पूछे हैं। रोष प्रकट कर रहे लोगों ने मांग की है कि:

  • दोषी हुड़दंगियों और गुंडा तत्वों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।

  • भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नेशनल हाईवे और संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।

  • ऑन-ड्यूटी सरकारी कर्मचारियों और चालकों-परिचालकों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वे बिना किसी खौफ के अपनी सेवाएं दे सकें।

प्रशासनिक रुख: घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।

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