त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव: कुठेड़ा वार्ड नंबर-3 से जिला परिषद उम्मीदवार निशा शर्मा ने झोंकी ताकत; जनता से मांगा विकास के लिए आशीर्वाद
एम.ए., बी.एड. और एम.एस.सी (IT) पास: चुनावी मैदान में सबसे शिक्षित उम्मीदवारों में से एक

24/05/2026-VIDYA SAGAR
घुमारवीं (बिलासपुर): हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावी बिगुल बजते ही बिलासपुर जिले के चारों विकास खंडों में सियासी सरगर्मियां चरम पर हैं। इसी कड़ी में जिला परिषद वार्ड संख्या-03 (कुठेड़ा वार्ड) से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित आधिकारिक उम्मीदवार श्रीमती निशा शर्मा (निशु देवी) ने अपने क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान को तेज कर दिया है।
“नेता नहीं, बेटी बनकर आई हूं” के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरीं निशा शर्मा को ग्रामीण क्षेत्रों में मातृशक्ति और युवाओं का भारी समर्थन मिल रहा है।

एम.ए., बी.एड. और एम.एस.सी (IT) पास: चुनावी मैदान में सबसे शिक्षित उम्मीदवारों में से एक
राजनीति में अक्सर कम पढ़े-लिखे चेहरों का बोलबाला देखा जाता है, लेकिन कुठेड़ा वार्ड-3 की जनता के सामने इस बार एक बेहद योग्य और उच्च शिक्षित विकल्प मौजूद है। निशा शर्मा शैक्षणिक रूप से बेहद समृद्ध हैं:
-
शैक्षणिक योग्यता: एम.ए. (M.A.), बी.एड. (B.Ed.), और एम.एस.सी. आई.टी. (M.Sc. I.T.)
-
चुनावी प्रतीक (चुनाव चिन्ह): ताला और चाबी 🔑
-
मुख्य विजन: पारदर्शी नेतृत्व, ईमानदार राजनीति और ग्रामीण अंचलों का तकनीकी व ढांचागत विकास।
स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि उनकी उच्च शिक्षा कुठेड़ा वार्ड के विकास की ‘चाबी’ बन सकती है, क्योंकि एक शिक्षित प्रतिनिधि सरकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से धरातल पर उतारने की समझ रखता है।

“चुनाव प्रचार तो बस बहाना है, बड़ों का आशीर्वाद पाना है”
अपने तूफानी चुनावी दौरे के दौरान निशा शर्मा कुठेड़ा वार्ड के विभिन्न गांवों में जाकर घर-घर दस्तक दे रही हैं। बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लेते हुए उन्होंने कहा:-
“मैं यहां किसी नेता की तरह वोट मांगने नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की बेटी और बहू बनकर आपकी सेवा का अधिकार मांगने आई हूं। चुनाव प्रचार तो केवल आप सब से मिलने का एक जरिया है, मेरा असली संकल्प इस क्षेत्र को बिलासपुर का सबसे आदर्श वार्ड बनाना है।”
चुनावी सभाओं में उनके साथ भारी संख्या में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता, महिला मंडलों की सदस्य और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रह रहे हैं, जो उनके पक्ष में माहौल को मजबूत कर रहे हैं।

सशक्त नेतृत्व और विकास के मुख्य मुद्दे
निशा शर्मा ने कुठेड़ा वार्ड नंबर-3 के मतदाताओं के सामने अपनी प्राथमिकताओं का खाका (Manifesto) रखा है, जिसमें निम्नलिखित मुख्य बिंदु शामिल हैं:
-
सड़क और पेयजल: ग्रामीण रास्तों की दशा सुधारना और हर घर तक स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना।
-
महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों और महिला मंडलों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रयास।
-
शिक्षा और रोजगार: युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था करना और स्थानीय पाठशालाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
-
ईमानदार नेतृत्व: जिला परिषद फंड का पाई-पाई का हिसाब जनता के सामने पारदर्शी रखना।
वार्ड-3 की जनता में भारी उत्साह
कुठेड़ा वार्ड के स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे इस बार किसी पारंपरिक राजनेता के बजाय एक ऐसी जमीन से जुड़ी महिला को चुनना चाहते हैं, जो पढ़ी-लिखी हो और उनकी समस्याओं को सही मंच पर उठा सके। निशा शर्मा का बेदाग अक्स और उनका विनम्र स्वभाव इस समय चुनावी मुकाबले में उन्हें अन्य उम्मीदवारों से काफी आगे ले जाता हुआ दिख रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी मतदान के दिन कुठेड़ा वार्ड नंबर-3 की प्रबुद्ध जनता विकास की इस नई इबारत को लिखने के लिए ‘ताला और चाबी’ के बटन को कितना समर्थन देती है।



