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किशाऊ बाँध पर ऐतिहासिक जीत के बाद एक्शन में सुक्खू सरकार; BBMB बकाया के ₹4,200 करोड़ के लिए केंद्र से मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से फोन पर की बात; कहा- पंजाब और हरियाणा ने हिमाचल को अधिकार से रखा वंचित

VIDYA SAGAR

शिमला, 13 जुलाई 2026

किशाऊ बाँध परियोजना पर हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल करने के बाद, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अब भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से राज्य के लंबित वित्तीय अधिकारों और बकाये की वसूली के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस गंभीर विषय पर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से फोन पर विस्तार से चर्चा की और केंद्र सरकार से हिमाचल के वैधानिक अधिकारों को दिलाने में सक्रिय सहयोग का आग्रह किया।


हरियाणा-पंजाब के शपथ-पत्र के बाद ही किशाऊ परियोजना पर बढ़ेंगे आगे

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को दोटूक शब्दों में अवगत करवाया कि 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना पर हिमाचल प्रदेश अब तभी आगे बढ़ेगा, जब हरियाणा और पंजाब सरकारें BBMB से संबंधित अपने हिस्से के बकाया भुगतान पर स्पष्ट सहमति देंगी।

  • शपथ-पत्र की शर्त: हरियाणा सरकार को सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में इस आशय का शपथ-पत्र दायर करना होगा।

  • अधिकारों की अनदेखी नहीं: सीएम ने स्पष्ट किया कि हिमाचल के हितों की अनदेखी कर राज्य से किसी भी नई परियोजना पर सहयोग की उम्मीद करना उचित नहीं होगा।


“बार-बार आग्रह करने के बावजूद पंजाब और हरियाणा ने हिमाचल प्रदेश को उसके जायज हक से वंचित रखा है। अब राज्य सरकार अपने इन अधिकारों को हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से इस विषय पर बात करेंगे और हिमाचल के अधिकारों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।



₹4,200 करोड़ का वित्तीय लाभ और 13,066 मिलियन यूनिट बिजली बकाया

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि लगभग 15 वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से BBMB परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी को स्वीकार किया था। इसके बावजूद:

  • हिमाचल पिछले एक दशक से अधिक समय से अपने हिस्से की 13,066 मिलियन यूनिट बिजली से वंचित है।

  • इस निर्णय के आलोक में प्रदेश सरकार अब BBMB से अपने हिस्से के लगभग ₹4,200 करोड़ रुपये के बकाये की वसूली के लिए सभी कानूनी और प्रशासनिक कदम उठा रही है।



किशाऊ बाँध पर सुक्खू सरकार की बड़ी जीत: बिना खर्च सालाना ₹600 करोड़ का राजस्व

विवरण पुरानी व्यवस्था (2023 से पहले) सुक्खू सरकार का नया फैसला व ऐतिहासिक जीत
लागत का बोझ हिमाचल को बिजली उत्पादन की लागत का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन करना पड़ता। मुख्यमंत्री सुक्खू ने पुराने समझौते को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया।
वित्तीय लाभ राज्य पर कर्ज और खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ता।

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