शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना: मार्च-अप्रैल 2027 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य, अर्थव्यवस्था को मिलेगा ₹900 करोड़ का बूस्ट
मुख्यमंत्री सुक्खू ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश; पावर हाउस का 80% काम पूरा

VIDYA SAGAR
शिमला, 13 जुलाई 2026
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हिमाचल प्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किन्नौर जिला में सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 450 मेगावाट क्षमता वाली शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्य को गति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। ऊर्जा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मार्च-अप्रैल 2027 तक हर हाल में चालू किया जाए।
मानसून में भी जारी रहेगा बांध का निर्माण
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के पावर हाउस का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। भौगोलिक और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद काम को रुकने नहीं दिया जाएगा। वर्तमान मानसून के दौरान भी बांध का निर्माण कार्य निरंतर जारी रहेगा। इसके लिए एक विशेष रणनीति अपनाई गई है:
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सतलुज नदी के जल प्रवाह को गेट नंबर 4 और 5 से मोड़ा (डाइवर्ट) जाएगा।
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इसके समानांतर गेट (डायवर्जन बे) 1, 2 और 3 पर निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।

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आर्थिकी और पर्यावरण को मिलेगा संबल
मुख्यमंत्री श्री सुक्खू ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यह परियोजना न केवल हिमाचल प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण-अनुकूल (सतत्) विकास को गति देने में मील का पत्थर साबित होगी।
“कई तकनीकी एवं भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार निरंतर निगरानी और बेहतर परियोजना नियोजन के माध्यम से इसका निर्माण सुनिश्चित कर रही है। भौगोलिक स्थिति के अनुरूप तकनीकी उपाय नियमित रूप से अपनाए जा रहे हैं, जिसके सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं।” — ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री

परियोजना के मुख्य लाभ और प्रभाव
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वार्षिक उत्पादन: पूर्ण होने पर इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 1,579 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की संभावना है।
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ग्रिड स्थिरता: इससे राज्य की ऊर्जा क्षमता बढ़ने के साथ-साथ ग्रिड की स्थिरता भी सुदृढ़ होगी।
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राजस्व में बढ़ोतरी: इस परियोजना के चालू होने से हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को प्रतिवर्ष लगभग 900 करोड़ रुपये का वित्तीय योगदान मिलने का अनुमान है।
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बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नज़ीम, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक सहित ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
“मार्च 2027 तक शुरू होगी शोंगटोंग परियोजना! हिमाचल को हर साल मिलेंगे ₹900 करोड़”



