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कृषि मशीनरी खरीद के लिए 31 जुलाई से शुरू होगा एग्री मशीनरी पोर्टल

पहाड़ी खेती के मशीनीकरण को बढ़ावा: पावर टिलर और पावर वीडर पर 50% तक अनुदान; 20 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन

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VIDYA SAGAR-29/07/2026

शिमला — हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। कृषि विभाग द्वारा पहाड़ी खेती के मशीनीकरण को बढ़ावा देने और आधुनिक उपकरण उपदान (सब्सिडी) पर उपलब्ध कराने के लिए एग्री मशीनरी पोर्टल वर्ष 2026-27 के लिए आगामी 31 जुलाई, 2026 से सक्रिय किया जा रहा है।

कृषि विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि कृषि अभियान्त्रिकी उप-मिशन के अंतर्गत छोटे व पहाड़ी खेतों के अनुकूल आधुनिक कृषि उपकरण—जैसे पावर टिलर, पावर वीडर आदि—किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।


आवेदन प्रक्रिया और लॉटरी प्रणाली

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विभाग ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और लॉटरी आधारित रखा है:

  • डीबीटी पोर्टल से आवेदन: इच्छुक किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल agrimachinery.nic.in के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

  • महत्वपूर्ण तिथियां:

    • पोर्टल खुलने की तिथि: 31 जुलाई, 2026

    • आवेदन की अंतिम तिथि: 20 अगस्त, 2026

    • लॉटरी/चयन तिथि: 21 अगस्त, 2026

  • 50 प्रतिशत अनुदान: लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा महिला किसानों को यंत्रों की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।


पहाड़ी खेती के लिए छोटे उपकरणों पर विशेष ध्यान

हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और छोटे जोत वाले खेतों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग लगातार हल्के और आधुनिक उपकरणों को बढ़ावा दे रहा है।

  • लागत में कमी और पैदावार में सुधार: आधुनिक मशीनों के उपयोग से कृषि कार्यों को समय पर पूरा किया जा सकता है, जिससे लागत कम होती है और फसल की गुणवत्ता व किसानों की आय में वृद्धि होती है।

  • हल्के उपकरण प्राथमिकता: प्रदेश के दुर्गम व छोटे खेतों में भारी मशीनरी का उपयोग संभव न होने के कारण छोटे आकार और कम वजन वाली सुधरी मशीनों पर जोर दिया जा रहा है।


किसानों के लिए महत्वपूर्ण परामर्श

“किसान भाई ध्यान दें कि सब्सिडी का लाभ लेने के लिए केवल भारत सरकार से पंजीकृत फर्मों से स्वीकृत (Approved) मॉडल ही खरीदें, ताकि भविष्य में अनुदान प्राप्त करने या सर्विस में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।”

प्रवक्ता, कृषि विभाग (हिमाचल प्रदेश)

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