कैबिनेट बैठक 20 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश में UCC बिल को मंजूरी, हिमाचल में डॉक्टरों को बड़ी सौगात और संसद में नए विधेयक पेश मुख्य बिंदु:
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को कैबिनेट की मंजूरी

VIDYA SAGAR-20/07/2026
मुख्य बिंदु:
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मध्य प्रदेश कैबिनेट: समान नागरिक संहिता (UCC) बिल 2026 के ड्राफ्ट को सर्वसम्मति से मिली मंजूरी; आदिवासी समाज को दायरे से बाहर रखा गया।
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संसद का मानसून सत्र: सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का बिल लोकसभा में पेश।
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हिमाचल प्रदेश कैबिनेट: सुपर-स्पेशलिस्ट फैकल्टी के लिए NPA को मंजूरी और पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड में भारी बढ़ोतरी।
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1. मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को कैबिनेट की मंजूरी
भोपाल/जगदीशपुर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल के ऐतिहासिक कस्बे जगदीशपुर में आयोजित एक विशेष कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) बिल 2026 के ड्राफ्ट को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है।
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शादी और लिव-इन रिलेशनशिप पर नए नियम: मुख्यमंत्री ने बताया कि UCC लागू होने के बाद राज्य में बहुविवाह (multiple marriages) पूरी तरह अमान्य हो जाएंगे। इसके साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
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आदिवासी समाज को छूट: इस कानून के दायरे से अनुसूचित जनजाति (ST) यानी आदिवासी समुदायों को बाहर रखा गया है। यह बिल आज से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के मानसून सत्र (20 से 24 जुलाई 2026) में पेश किया जाएगा।
2. संसद के मानसून सत्र की शुरुआत और सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का बिल
नई दिल्ली: 20 जुलाई 2026 से संसद का महत्वपूर्ण मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में ‘द सुप्रीम कोर्ट (नंबर ऑफ जजेस) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश किया।
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इस विधेयक के तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या (भारत के मुख्य न्यायाधीश सहित) को 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रावधान है।
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मई 2026 में केंद्रीय कैबिनेट ने इसके लिए अध्यादेश को मंजूरी दी थी, जिसे अब स्थायी कानून में बदलने के लिए संसद में पेश किया गया है।
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3. हिमाचल प्रदेश कैबिनेट: मेडिकल फैकल्टी और छात्रों के लिए बड़ा ऐलान
शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में चिकित्सा क्षेत्र के लिए कई बड़े फैसले लिए गए।
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NPA को मंजूरी: चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग के तहत कार्यरत DM, M.Ch. और DrNB डिग्री धारक सुपर-स्पेशलिस्ट फैकल्टी सदस्यों के लिए नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) को मंजूरी दी गई है।
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स्टाइपेंड में बड़ी बढ़ोतरी: पोस्ट ग्रेजुएट (PG) मेडिकल छात्रों के मासिक वजीफे (Stipend) में भारी वृद्धि की गई है:
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प्रथम वर्ष: ₹40,000 से बढ़ाकर ₹50,000
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द्वितीय वर्ष: ₹45,000 से बढ़ाकर ₹60,000
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तृतीय वर्ष: ₹50,000 से बढ़ाकर ₹65,000
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