जनगणना लोकतंत्र और विकास की रीढ़, नागरिक बढ़-चढ़कर लें हिस्सा: मुख्यमंत्री
■ इस बार देश में पहली बार मिलेगी 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की डिजिटल सुविधा

VIDYA SAGAR
शिमला, 26 मई (2026): मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जनगणना को किसी भी देश के लोकतंत्र और विकास की रीढ़ बताते हुए हिमाचल प्रदेश के वासियों से इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी नीतियों को सटीक रूप देने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।
यह बात मुख्यमंत्री ने शिमला में जनगणना निदेशालय (हिमाचल प्रदेश) की निदेशक दीप शिखा शर्मा से मुलाकात के दौरान कही। इस बैठक में निदेशक ने मुख्यमंत्री को आगामी ‘जनगणना-2027’ के रोडमैप और इसके विभिन्न तकनीकी पहलुओं से अवगत करवाया।
दो चरणों में पूरी होगी महा-जनगणना
निदेशक दीप शिखा शर्मा ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह आधुनिक और दो मुख्य चरणों में विभाजित होगी:
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प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकान गणना): हिमाचल प्रदेश के सामान्य क्षेत्रों में यह कार्य 16 जून से 15 जुलाई के बीच आयोजित किया जाएगा।
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द्वितीय चरण (जनसंख्या की गणना): * प्रदेश के हिमाच्छादित (बर्फबारी वाले कठिन) क्षेत्रों में यह कार्य 11 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 के बीच होगा।
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राज्य के शेष मैदानी व सामान्य क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का कार्य 9 फरवरी, 2027 से 28 फरवरी, 2027 तक पूरा किया जाएगा।
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पहली बार ‘स्व-गणना’ का डिजिटल विकल्प
इस बार की जनगणना में आम जनता की सुविधा के लिए एक अनूठी पहल की गई है। नागरिक अब घर बैठे खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
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पोर्टल: इसके लिए सरकार ने आधिकारिक पोर्टल
se.census.gov.inतैयार किया है। -
समय-सीमा: योग्य नागरिक 1 जून से 15 जून, 2026 तक इस पोर्टल पर जाकर ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) के विकल्प का लाभ उठा सकते हैं।
मोबाइल ऐप और 33 सवालों से तैयार होगा डेटा बेस
समय के साथ कदम मिलाते हुए इस बार कागजी रजिस्टरों के बजाय पूरी तरह डिजिटल मोड में डेटा इकट्ठा किया जाएगा। फील्ड में तैनात प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors) अपने मोबाइल फोन का उपयोग करेंगे। सरकार द्वारा अधिसूचित 33 विशेष प्रश्नों के आधार पर हिमाचल के हर मकान, परिवार और नागरिक की सटीक जानकारी को सुरक्षित डिजिटल सर्वर पर अपलोड किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस पूरी डिजिटल तैयारी की सराहना की और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में भी इस प्रक्रिया को सुगम और निर्बाध रूप से संपन्न करना सुनिश्चित करें।



