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एचआरटीसी की बदहाली और ‘जुगाड़ तंत्र’ पर भड़के जयराम ठाकुर; बोले- जनता की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही सुक्खू सरकार

नेता प्रतिपक्ष का तीखा हमला: मुख्यमंत्री के गृह जिले समेत कई डिपो में टायरों की किल्लत, 'धक्का स्टार्ट' बसों के भरोसे चल रहा हिमाचल; कर्मचारियों-पेंशनरों की अनदेखी पर जताई गहरी चिंता।

VIDYA SAGAR

शिमला, 11 जुलाई 2026:

हिमाचल प्रदेश में हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की लगातार चरमराती माली हालत और बसों के खस्ताहाल संचालन को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को लेकर सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बसों के रख-रखाव में भारी लापरवाही और कर्मचारियों व पेंशनरों की अनदेखी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया है।


“एक बस के टायर निकालकर दूसरी में लगाना बेहद खतरनाक”

हाल ही में सामने आईं मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले समेत राज्य के विभिन्न डिपो में टायरों और जरूरी स्पेयर पार्ट्स की भारी किल्लत चल रही है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि एक बस के टायर निकालकर दूसरी बस में लगाए जा रहे हैं और ‘जुगाड़’ के सहारे रूटों पर गाड़ियां दौड़ाई जा रही हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा, “आखिर सरकार जनता की जिंदगी से इस तरह का खतरनाक खिलवाड़ क्यों कर रही है? आज पूरे हिमाचल में परिवहन सेवा का ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। आए दिन सरकारी बसें ‘धक्का स्टार्ट’ होकर चल रही हैं और टायरों व कलपुर्जों के अभाव में दर्जनों बसें कार्यशालाओं (वर्कशॉप) में खड़ी धूल फांक रही हैं।”



बरसात के मौसम में बड़े हादसे का अंदेशा

जयराम ठाकुर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में या तो महत्वपूर्ण ग्रामीण रूटों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है या फिर जबरन खटारा बसों को सड़कों पर भेजकर निर्दोष यात्रियों की जिंदगी को सीधे तौर पर दांव पर लगाया जा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि बरसात के इन संवेदनशील दिनों में इस तरह की लापरवाही के कारण किसी भी वक्त कोई बड़ा और दर्दनाक सड़क हादसा हो सकता है।

सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों पर बरसते हुए उन्होंने कहा:

  • कर्मचारियों का टूटा मनोबल: सड़कों पर बसें कबाड़ बन चुकी हैं और दूसरी तरफ एचआरटीसी के चालक-परिचालकों (ड्राइवर्स-कंडक्टर्स) को समय पर वेतन व भत्ते नहीं मिल रहे हैं।

  • पेंशनरों में भारी आक्रोश: निगम के बुजुर्ग पूर्व कर्मचारियों के एरियर और मेडिकल बिलों जैसी लंबित मांगों का भुगतान न होने से उनमें सरकार के खिलाफ भारी गुस्सा है, जिससे वे अपने हक के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।


“बंद कमरों से बाहर निकलकर धरातल पर सुधारे व्यवस्था”

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को सचेत किया कि यदि परिवहन निगम की व्यवस्था इसी लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन से चलती रही, तो आम जनता का भरोसा इस ‘लाइफलाइन’ मानी जाने वाली सरकारी सेवा से हमेशा के लिए उठ जाएगा

कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वातानुकूलित (AC) बंद कमरों में बैठकर सिर्फ कागजी नीतियां बनाने और कोरे दावे करने से धरातल पर कभी कोई सुधार नहीं होता है। अगर सरकार सचमुच गंभीर है, तो उसे बंद कमरों से बाहर निकलकर सीधे फील्ड में जाना चाहिए और जमीनी स्तर पर बिगड़ी हुई व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।


विपक्ष की प्रमुख मांगें

नेता प्रतिपक्ष ने सुक्खू सरकार से पुरजोर मांग की है कि:

  1. सरकार तुरंत विशेष बजट जारी कर टायरों और स्पेयर पार्ट्स की कमी को दूर करे।

  2. जनता की सुविधा के लिए बंद पड़े सभी महत्वपूर्ण ग्रामीण रूटों को तुरंत बहाल किया जाए।

  3. चालक-परिचालकों और आम लोगों की जिंदगी सुरक्षित करने के साथ-साथ कर्मचारियों व पेंशनरों की सभी लंबित जायज मांगों को बिना देरी पूरा किया जाए।

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