जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा हमला: “गांधी परिवार की चापलूसी के लिए संस्थानों के नाम बदल रहे मुख्यमंत्री”
संस्थान बंद करने और नाम बदलने में माहिर है कांग्रेस; हिमाचल को 90% आर्थिक मदद देने वाली मोदी सरकार का नाम लेने से कतराते हैं सुक्खू

VIDYA SAGAR
शिमला, 19 जुलाई, 2026

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर राजनीतिक विद्वेष और चापलूसी का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। शिमला से जारी एक आधिकारिक बयान में जयराम ठाकुर ने कहा कि साढ़े तीन साल से अधिक का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी सुक्खू सरकार के पास जनता को बताने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केवल कांग्रेस आलाकमान के सामने अपना पक्ष मजबूत करने के लिए हिमाचल के स्थापित संस्थानों के नाम बदलकर गांधी-नेहरू परिवार के नाम पर रख रहे हैं।


“सरदार पटेल के नाम से चिढ़ती है कांग्रेस सरकार”
जयराम ठाकुर ने मंडी में स्थापित विश्वविद्यालय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय मंडी में सरदार पटेल विश्वविद्यालय खोला गया था, जो प्रदेश का दूसरा बड़ा अकादमिक विश्वविद्यालय था। इससे न केवल हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) का बोझ कम होता, बल्कि एक बड़ी आबादी को घर के नजदीक उच्च शिक्षा मिलती। उन्होंने आरोप लगाया:-
“चूंकि यह विश्वविद्यालय भारत की एकता के अग्रदूत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर था और हमारी सरकार ने खोला था, इसलिए सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री इसके पीछे पड़ गए। सुक्खू सरकार ने इसे मिटाने और समाप्त करने की हर संभव कोशिश की।”
साढ़े तीन साल में केवल संस्थान बंद किए और नौकरियां छीनीं
सुक्खू सरकार के कार्यकाल की आलोचना करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस सरकार की उपलब्धियों के नाम पर केवल नकारात्मक कार्य हुए हैं:
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संस्थान बंद करना: पूर्व भाजपा सरकार द्वारा बजट प्रावधान के साथ जनता की मांग पर खोले गए ढाई हजार (2,500) से ज्यादा जनहित के संस्थान राजनीतिक द्वेष के कारण बंद कर दिए गए।
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रोजगार पर चोट: सरकार ने डेढ़ लाख से ज्यादा स्वीकृत पद समाप्त कर दिए और 10,000 से अधिक आउटसोर्स व अस्थायी कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। पक्की नौकरी सरकार दे नहीं रही और कच्ची नौकरी के सारे रास्ते बंद किए जा रहे हैं।
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योजनाओं में छलावा: ‘प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं फॉर्म भरकर पैसों का इंतजार कर रही हैं, लेकिन सरकार आए दिन पात्रता की शर्तें बदलकर उन्हें गुमराह कर रही है। योजनाओं से ज्यादा पैसा उनके प्रचार-प्रसार पर खर्च किया जा रहा है।

मोदी सरकार से 90% आर्थिक मदद, पर आभार जताने से परहेज
जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार के प्रति मुख्यमंत्री के रवैये पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सुक्खू सरकार दिन-रात केंद्र की मोदी सरकार को कोसती है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र से मिलने वाले भरपूर सहयोग को जनता से छिपाती है।
उन्होंने दो बड़े उदाहरण देते हुए केंद्र की मदद का ब्योरा दिया:
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मेडिकल पीजी सीटें: हिमाचल प्रदेश में जो 320 मेडिकल पीजी सीटें बढ़ाई गई हैं, उसका श्रेय मुख्यमंत्री खुद ले रहे हैं। लेकिन वे यह नहीं बताते कि प्रति सीट केंद्र सरकार 1.5 करोड़ रुपये (कुल 480 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम राशि दे रही है।
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जीका (JICA) परियोजना: प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए चल रही जीका परियोजना के कुल ऋण का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा चुकाया जाता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश को केंद्र प्रायोजित सभी प्रमुख योजनाओं में 90 प्रतिशत का वित्तीय सहयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके बावजूद केंद्र का आभार जताने के बजाय उसकी आलोचना करना बेहद हैरान करने वाला और निंदनीय है।



