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तकनीकी शिक्षा में बड़ा सुधार: एबीवीजीआईईटी प्रगतिनगर बनेगा ‘एक्सीलेंस सेंटर’, स्थापित होगी अत्याधुनिक एआई लैब

प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने की संस्थान की समीक्षा; इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, स्मार्ट क्लासरूम और खेल सुविधाओं के विस्तार के निर्देश

VIDYA SAGAR

शिमला, 19 जुलाई, 2026

हिमाचल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने और छात्रों को भविष्य की तकनीकों से लैस करने के लिए राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने शिमला जिला के प्रगतिनगर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (ABVGIET) का विस्तृत दौरा किया। उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक, प्रशासनिक, अनुसंधान और बुनियादी ढांचागत (इंफ्रास्ट्रक्चर) गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की और इसे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (उत्कृष्टता केंद्र) के रूप में विकसित करने का विजन साझा किया।


अत्याधुनिक AI लैब और स्मार्ट लाइब्रेरी को मंजूरी

समीक्षा बैठक के दौरान संस्थान को अधिक सशक्त और आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए:

  • 🤖 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) लैब: छात्रों को कोडिंग, डेटा साइंस और भविष्य की तकनीकों से जोड़ने के लिए कैंपस में एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी।

  • 🧪 प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण: इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक विंग्स की पुरानी लैब्स को आधुनिक उपकरणों से अपग्रेड किया जाएगा।

  • 📚 डिजिटल रिसोर्सेज: केंद्रीय पुस्तकालय (Central Library) में अतिरिक्त नई पुस्तकों के साथ-साथ डिजिटल संसाधनों और ई-जर्नल्स की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी।



व्यावहारिक शिक्षा पर जोर: छात्र करेंगे ‘औद्योगिक भ्रमण’

प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने संकाय सदस्यों (Faculty) को निर्देश दिए कि छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने छात्रों को उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली से रूबरू कराने के लिए नियमित शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण (Industrial Tours) आयोजित करने को कहा। इसके अलावा, छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित मार्गदर्शन (Mentorship), व्यक्तित्व विकास (Personality Development) और सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग देने पर भी विशेष बल दिया गया।


कैंपस में दिखेंगी ये नई सुविधाएं: इनडोर जिम्नेजियम और टॉपर गैलरी

एबीवीजीआईईटी परिसर के समग्र विकास के लिए डॉ. जैन ने निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:

  1. स्मार्ट क्लासरूम: कक्षाओं के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड कर उन्हें आधुनिक शिक्षण तकनीकों से लैस किया जाएगा।

  2. खेल सुविधाएं: छात्रों के शारीरिक विकास के लिए कैंपस में खेल सुविधाओं का विस्तार होगा और एक इनडोर जिम्नेजियम (Gymnasium) स्थापित किया जाएगा।

  3. टॉपर गैलरी: शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और छात्रों को प्रेरित करने के लिए संस्थान में एक ‘टॉपर गैलरी’ बनाई जाएगी, जहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित स्थान मिलेगा।

  4. ग्रीन कैंपस: पूरे परिसर में स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘हरित परिसर’ (Green Campus) विकसित करने के निर्देश दिए गए।



अनुसंधान और अनुसंधान अनुदान (Research Grants) पर फोकस

प्रधान सचिव ने संस्थान के प्रोफेसरों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों से अनुसंधान अनुदान (Research Grants) प्राप्त करने के लिए प्रोजेक्ट्स तैयार करने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संकाय सदस्यों को प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं (Research Journals) में अपने शोध पत्र प्रकाशित करने चाहिए और उद्योगों के साथ साझेदारी (Industry-Institute Partnership) को और मजबूत करना चाहिए।


प्रधान सचिव का संदेश:

“संस्थान को उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग के माध्यम से तकनीकी शिक्षा का एक आदर्श केंद्र बनना चाहिए। संकाय और कर्मचारी समर्पण और सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ काम करें ताकि हिमाचल के युवा देश-दुनिया में तकनीकी शिक्षा के सर्वोच्च मानकों को स्थापित कर सकें।”

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