ट्रैक्टर चालकों को बड़ी राहत: सीएम सुक्खू का आश्वासन— आचार संहिता के बाद कम होगी चालान राशि और मिलेंगे परमिट
मुख्यमंत्री से मिला ट्रैक्टर ऑपरेटरों का प्रतिनिधिमंडल; सुक्खू बोले- सरकार सहानुभूतिपूर्वक करेगी समस्याओं का समाधान

24/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला: हिमाचल प्रदेश के ट्रैक्टर चालकों के लिए एक राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार ट्रैक्टर ऑपरेटरों की समस्याओं का सहानुभूतिपूर्वक समाधान करेगी। यह आश्वासन उन्होंने शिमला में उनसे भेंट करने आए ट्रैक्टर चालकों के एक विशेष प्रतिनिधिमंडल को दिया।
दरअसल, भारी-भरकम चालान और परमिट की दिक्कतों के कारण ट्रैक्टर चालकों को अपनी आजीविका चलाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके बाद उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी गुहार लगाई।
भारी चालान से रोजी-रोटी पर संकट: प्रतिनिधिमंडल
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अपनी विभिन्न मांगों और जमीनी समस्याओं से अवगत करवाया। ट्रैक्टर चालकों ने कहा कि वर्तमान में हो रहे भारी-भरकम चालानों के कारण उनकी दैनिक कमाई का एक बड़ा हिस्सा जुर्माने में चला जाता है। इसके चलते उन्हें अपनी और अपने परिवार की रोज़ी-रोटी कमाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से नियमों में ढील देने और चालान राशि को तर्कसंगत बनाने की मांग की।
आचार संहिता खत्म होते ही प्रक्रिया होगी शुरू
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा: > “वर्तमान में पंचायत चुनावों के दृष्टिगत आदर्श आचार संहिता लागू है। जैसे ही यह आचार संहिता समाप्त होगी, राज्य सरकार ट्रैक्टर चालान की भारी-भरकम राशि को कम करने के उपायों पर काम करेगी। इसके साथ ही, चालकों को कानूनी रूप से कार्य करने के लिए परमिट देने की संभावनाओं को भी पूरी तरह तलाशा जाएगा।”
रोजगार और नियमों के बीच संतुलन बनाएगी सरकार
इस मुलाकात के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि चुनाव प्रक्रिया संपन्न होते ही परिवहन विभाग इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। सरकार का प्रयास है कि एक ओर जहाँ सड़क सुरक्षा और नियमों का पालन हो, वहीं दूसरी ओर ट्रैक्टर के माध्यम से स्वरोजगार कमा रहे स्थानीय युवाओं की आजीविका पर भी कोई आंच न आए। मुख्यमंत्री के इस सकारात्मक रुख से प्रदेशभर के ट्रैक्टर ऑपरेटरों ने राहत की सांस ली है।



