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देवभूमि में धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करना वक्त की जरूरत: राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता

मां ज्वाला देवी जी के दरबार में लेडी गवर्नर संग नवाया शीश; बोले—विश्वस्तरीय सुविधाओं से संवरेगी हिमाचल की अर्थव्यवस्था और संस्कृति।

27/05/2026-VIDYA SAGAR

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने ‘देवभूमि’ की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने के लिए एक समर्पित धार्मिक पर्यटन सर्किट (Religious Tourism Circuit) विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध मंदिरों, शक्तिपीठों और ऐतिहासिक मठों को आधुनिक सुविधाओं व बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ा जाना चाहिए।

यह बात राज्यपाल ने आज कांगड़ा जिले के ऐतिहासिक एवं पौराणिक शक्तिपीठ मां ज्वाला देवी जी मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद मीडिया से औपचारिक बातचीत के दौरान कही। इस पावन अवसर पर उनके साथ लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।



देश-प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

मंदिर पहुंचने पर राज्यपाल और लेडी गवर्नर का पारंपरिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने गर्भगृह में जाकर मां ज्वाला जी की पावन अखंड ज्योतियों के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। राज्यपाल ने मां ज्वाला देवी से समस्त प्रदेशवासियों और देशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि, अपार शांति और खुशहाली की कामना की।



रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल

मीडिया से रूबरू होते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में मां ज्वाला देवी, मां ब्रिजेश्वरी देवी, मां चिंतपूर्णी, मां नैना देवी और मां चामुंडा देवी सहित अनगिनत प्राचीन मंदिर व बौद्ध मठ स्थापित हैं। ये सभी स्थल पूरी दुनिया में करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा के केंद्र हैं।

“यदि इन सभी आस्था केंद्रों को एक व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट के सूत्र में पिरो दिया जाए, तो देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा में बेहद सुगमता होगी। इससे न केवल हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अभूतपूर्व अवसर पैदा होंगे और हिमाचल की अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।”



विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने का आह्वान

धार्मिक पर्यटन को राज्य की आर्थिकी का मुख्य आधार बताते हुए राज्यपाल ने प्रदेश सरकार, पर्यटन विभाग और सभी संबंधित विभागों से एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ इन पवित्र स्थलों की दिव्यता, स्वच्छता और आध्यात्मिक वातावरण को अक्षुण्ण बनाए रखना भी हमारी साझी जिम्मेदारी है।

अपने दौरे के अंत में राज्यपाल ने मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए प्रबंधों की सराहना की और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीठ थपथपाई।


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