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निष्क्रिय बैंक खातों को फिर से चालू करना हुआ आसान: जानें RBI की महत्वपूर्ण गाइडलाइन्स

2 वर्ष से अधिक समय से बंद पड़े खाते को री-एक्टिवेट करने के लिए बैंक शाखा जाएँ या घर बैठे कराएँ Video KYC; RBI की अपील— "जानकार बनिए, सतर्क रहिए"

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VIDYA SAGAR-02/08/2026

नई दिल्ली। क्या आपका भी कोई ऐसा बैंक खाता है जिसका आपने सालों से इस्तेमाल नहीं किया है? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने निष्क्रिय (Inoperative/Dormant) पड़े बैंक खातों को लेकर ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी और दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

बैंकिंग नियमों के अनुसार, यदि किसी खाते में ग्राहक द्वारा लगातार दो वर्षों से अधिक समय तक कोई भी वित्तीय लेन-देन नहीं किया जाता है, तो बैंक सुरक्षा कारणों से उस खाते को निष्क्रिय घोषित कर देत


निष्क्रिय खाते को दोबारा सक्रिय कैसे करें?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, निष्क्रिय पड़े बैंक खाते को पुनः सक्रिय (Reactivate) कराना बेहद आसान है। इसके लिए ग्राहक निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

  • शाखा से संपर्क करें: अपने बैंक की निकटतम शाखा में जाकर खाता पुनः चालू करने के लिए आवेदन दें।

  • KYC (केवाईसी) अपडेट कराएँ: खाते को सक्रिय करने के लिए अपना केवाईसी अपडेट कराना अनिवार्य है।

  • डिजिटल माध्यम (Video KYC): अब ग्राहक बैंक शाखा गए बिना घर बैठे वीडियो केवाईसी (Video KYC) के माध्यम से भी अपने दस्तावेज सत्यापित करा सकते हैं।

  • ⚠️ ध्यान दें: बैंक खाते को निष्क्रिय होने से बचाने के लिए समय-समय पर उसमें से छोटा-मोटा लेन-देन (जैसे जमा, निकासी या ऑनलाइन फंड ट्रांसफर) करते रहें और अपने बैंक खाते को हमेशा सक्रिय (Active) रखें।


आरबीआई की सलाह: “जानकार बनिए, सतर्क रहिए”

रिजर्व बैंक ने ग्राहकों को वित्तीय मामलों में जागरूक रहने और अपने अप्रयुक्त पड़े पैसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी है। अगर आपके पास भी कोई ऐसा खाता है जिसमें आपका पैसा जमा है और वह निष्क्रिय हो गया है, तो तुरंत अपने संबंधित बैंक से संपर्क करें।

अधिक आधिकारिक जानकारी और विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट RBI Kehta Hai पर जाएँ।


निष्कर्ष

वित्तीय सुरक्षा और अपने जमा धन के सही प्रबंधन के लिए सभी बैंक खातों का सक्रिय रहना आवश्यक है। आरबीआई की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के अप्रयुक्त धन को सुरक्षित रखना और उन्हें आसान बैंकिंग प्रक्रियाएँ उपलब्ध कराना है।

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