नीट पेपर लीक: शिमला में छात्रों के हक में उतरा जनसैलाब, CM सुक्खू के नेतृत्व में सर्वदलीय कैंडल मार्च
"राहुल गांधी बने युवाओं के न्याय की आवाज, प्रभावित परिवारों को मिले 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा" — मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

VIDYA SAGAR
शिमला, 25 जुलाई, 2026 — नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी आक्रोश के बीच हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शनिवार को न्याय की गूंज सुनाई दी। विभिन्न राजनीतिक दलों और आम जनता ने एकजुट होकर एक विशाल सर्वदलीय कैंडल मार्च निकाला। इस शांतिपूर्ण विरोध और एकजुटता प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया।

इंदिरा गांधी खेल परिसर से रिज मैदान तक मार्च
यह कैंडल मार्च इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर से प्रारंभ होकर शिमला के प्रसिद्ध स्कैंडल पॉइंट से गुज़रते हुए ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं और आम नागरिकों ने जमकर नारेबाजी की। रिज मैदान पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाकर लोकतांत्रिक मूल्यों और अधिकारों की रक्षा का संकल्प दिलाया।
जंतर-मंतर पर संघर्षरत युवाओं को मिला हिमाचल का साथ
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा:-
“यह कैंडल मार्च दलगत राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं के हक में निकाला गया है। नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे बच्चों को न्याय दिलाने का यह हमारा एक ठोस प्रयास है। हिमाचल प्रदेश की पूरी जनता इस न्याय की लड़ाई में युवाओं के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।”
CM सुक्खू की प्रमुख मांगें और बिंदु:
-
1-1 करोड़ का मुआवजा: नीट परीक्षा विवाद और मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई।
-
पारदर्शिता की आवश्यकता: मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि युवाओं की वर्षों की मेहनत बेकार न जाए।
-
भाजपा पर तीखा हमला: उन्होंने कहा कि जहां-जहां भाजपा सत्ता में रहती है, वहां पेपर लीक के मामले सामने आते हैं। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान हिमाचल में पुलिस भर्ती और अधीनस्थ सेवाएं चयन आयोग (HPSSC) के पेपर लीक का उदाहरण दिया।
-
कड़े कदम: कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही धांधली वाले आयोग को भंग कर राज्य चयन आयोग का गठन किया और दोषियों को जेल भेजा।
“राहुल गांधी बने युवाओं के न्याय की आवाज”
मुख्यमंत्री सुक्खू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रभावित बच्चों और युवाओं की इस लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी आवाज दी है। युवाओं के भविष्य से जुड़े संवेदनशील मामलों में निष्पक्षता और सख्त जवाबदेही तय करना अत्यंत आवश्यक है।
विभिन्न दलों और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी
मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) और आम जनता का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख चेहरे:
-
रोहित ठाकुर (शिक्षा मंत्री)
-
कुलदीप राठौर एवं संजय रतन (विधायक)
-
विनय कुमार (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष)
-
विनोद जिंटा (महासचिव)
-
राकेश सिंघा (पूर्व विधायक, CPIM)
-
सुरेंद्र चौहान (महापौर, नगर निगम शिमला)
-
कांग्रेस, माकपा के वरिष्ठ नेता, पार्षद एवं भारी संख्या में छात्र व नागरिक।यहाँ शिमला में आयोजित सर्वदलीय कैंडल मार्च पर आधारित एक व्यावसायिक न्यूज़ आर्टिकल (Professional News Article) तैयार किया गया है:



