हिमाचल प्रदेश नीति आयोग के ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026’ में देश के पहाड़ी व पूर्वोत्तर राज्यों में तीसरे स्थान पर
'फ्रंटरनर' श्रेणी में मिली जगह; ढांचागत विकास और संसाधन प्रबंधन में राज्य ने हासिल किया देश में पहला स्था

VIDYA SAGAR
शिमला, 25 जुलाई, 2026:
राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों और सुदृढ़ औद्योगिक नीतियों के परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश ने नीति आयोग द्वारा जारी नवीनतम ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (IFI) 2026’ में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश ने पहाड़ी एवं पूर्वोत्तर राज्यों (Hilly & North-Eastern States) की श्रेणी में तीसरा स्थान प्राप्त किया है और इसे ‘फ्रंटरनर’ (Frontrunner) श्रेणी में शामिल किया गया है।
यह उपलब्धि प्रदेश में व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बेहतर बनाने, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और निवेशकों के विश्वास को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए ठोस कदमों को दर्शाती है।
नीति सुधारों का सुखद परिणाम: मुख्यमंत्री सुक्खू
हिमाचल प्रदेश की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए माननीय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा:-
“हमारी सरकार ने बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान (BRAP) को प्रभावी ढंग से लागू करने पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है। नीति आयोग के सूचकांक में मिली यह रैंकिंग हमारे सुधार-उन्मुख दृष्टिकोण, पारदर्शी शासन और निवेशकों के अनुकूल एक कुशल पारिस्थिकी तंत्र (Ecosystem) बनाने की हमारी प्रतिबद्धता की सफलता को दर्शाती है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य का यह बेहतर प्रदर्शन सतत औद्योगिक विकास और प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने का आधार बनेगा।
प्रमुख स्तंभों में हिमाचल का शानदार प्रदर्शन
नीति आयोग के इंडेक्स 2026 के अनुसार, हिमाचल प्रदेश ने कई महत्वपूर्ण पैमानों पर देश भर में बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
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इन्फ्रास्ट्रक्चर पिलर (Rank 1): रसद (Logistics), डिजिटल कनेक्टिविटी, विद्युत बुनियादी ढांचे और औद्योगिक सुविधा के मामले में हिमाचल प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया है।
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रिसोर्सेज पिलर (Rank 1): उच्च श्रम बल भागीदारी, उत्कृष्ट मानव संसाधन सूचकांक और देश में महिलाओं की सबसे अधिक कार्यबल भागीदारी के बल पर राज्य ने इसमें भी पहला स्थान प्राप्त किया।
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रेगुलेटरी ईज (Regulatory Ease) (Rank 4): सुगम व्यावसायिक माहौल और निवेशक सुविधा तंत्र के चलते राज्य चौथे स्थान पर रहा।
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संस्थागत पर्यावरण व व्यापारिक माहौल: कम साइबर अपराध दर, प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली और पारदर्शी नीतियों के कारण राज्य को बिजनेस क्लाइमेट में भी उत्कृष्ट रेटिंग मिली है।
निवेशकों के लिए पहली पसंद बन रहा हिमाचल
उद्योग निदेशालय के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा ई-गवर्नेस, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और औद्योगिक नीतियों के सरलीकरण से निवेशकों के समय और संसाधन दोनों की बचत हो रही है। रिपोर्ट में विशेष रूप से प्रदेश के कुशल मानव संसाधन, महिला कार्यबल की सहभागिता और प्रभावी नियामक तंत्र की सराहना की गई है।
उद्योग विभाग ने विश्वास जताया है कि इस राष्ट्रीय मान्यता से आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में फार्मा, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, हरित ऊर्जा और आईटी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित होगा।



