बोह घाटी आपदा: प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देगी सरकार, मुख्यमंत्री सुक्खू ने लिया नुकसान का जायजा
19 बेघर परिवारों को ₹25-25 हजार और दैनिक सामग्री किट तत्काल जारी; आंशिक क्षति पर ₹10-10 हजार की राहत राशि प्रदा

VIDYA SAGAR
हिमाचल प्रदेश | कांगड़ा -23/07/2026:-
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की बोह घाटी में बादल फटने से हुई भारी तबाही के बाद राज्य सरकर पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला से दूरभाष के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया से बातचीत कर स्थिति और नुकसान का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से भी सीधे फोन पर बात की और उन्हें इस कठिन समय में हर संभव सरकारी मदद का आश्वासन दिया।
तत्काल राहत राशि और सामग्री वितरित
बातचीत के दौरान उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके निर्देशों के तहत जिला प्रशासन ने प्रभावितों को तुरंत सहायता पहुंचाई है:
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पूर्ण क्षतिग्रस्त मकान: जिन 19 परिवारों के मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं, उन्हें तत्काल राहत के रूप में ₹25-25 हजार की आर्थिक सहायता और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की किट प्रदान की गई है।
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आंशिक क्षतिग्रस्त मकान: जिन 17 परिवारों के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, उन्हें ₹10-10 हजार की राहत राशि जारी की गई है।
उप-मुख्य सचेतक ने मुख्यमंत्री से क्षेत्र में सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को हुए भारी नुकसान की जानकारी देते हुए सड़कों, पेयजल आपूर्ति और विद्युत सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द बहाल करने का आग्रह किया।
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सेवाओं की बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इस प्राकृतिक आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
“प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाएगा। मैं स्वयं शीघ्र ही बोह घाटी का दौरा कर जमीनी स्थिति और नुकसान का आकलन करूंगा।”
— ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
प्रदेशवासियों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों और पर्यटकों से नदियों-नालों से दूर रहने तथा सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने जिला प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
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संपादकीय टिप्पणी: बोह घाटी में हुई इस प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन की त्वरित राहत कार्रवाई और मुख्यमंत्री द्वारा सीधे प्रभावितों से संवाद स्थापित करने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है।



