मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा फैसला: पेंशनरों के बकाया और मेडिकल बिलों का 4 दिनों में होगा भुगतान
ओपीएस पर अडिग हिमाचल सरकार; सीएम ने कहा- केंद्र की वित्तीय पाबंदियों के बावजूद कर्मचारियों के हितों की रक्षा हमारी प्राथमिकता।

13/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के पेंशनरों और कर्मचारियों के हक में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पेंशनरों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

चार दिनों के भीतर भुगतान के आदेश
मुख्यमंत्री ने पेंशनरों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए दो प्रमुख घोषणाएं कीं:
-
चतुर्थ श्रेणी पेंशनर्स: सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि चतुर्थ श्रेणी के पेंशनभोगियों के लंबित बकाया का भुगतान चार दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
-
चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement): पेंशनरों और कर्मचारियों के चिकित्सा बिलों से संबंधित मामलों को भी आगामी चार दिनों में निपटाने के आदेश दिए गए हैं।

ओपीएस बनाम यूपीएस: केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से एकीकृत पेंशन योजना (UPS) को लागू करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन हिमाचल सरकार हर परिस्थिति में ओपीएस के लाभ जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने वित्तीय बाधाओं का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा:
-
वित्तीय सहायता पर रोक: ओपीएस बहाल करने के कारण केंद्र ने राज्य की 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद रोक दी है।
-
राजस्व घाटा अनुदान (RDG) में कटौती: वर्ष 1952 से मिल रहे आरडीजी को बंद कर दिया गया है, जिससे राज्य को सालाना 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
-
तुलनात्मक आंकड़े: पिछली भाजपा सरकार को आरडीजी के रूप में 54,000 करोड़ मिले थे, जबकि वर्तमान सरकार को केवल 17,000 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं।
“केंद्र सरकार के इन निर्णयों से हिमाचल के लोगों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है, लेकिन हम सीमित संसाधनों के बावजूद अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।” – मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू

विकास में पेंशनरों का अमूल्य योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हिमाचल जिस विकास की ऊंचाई पर है, उसमें प्रदेश के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का अमूल्य योगदान है। सरकार उनके अनुभवों का सम्मान करती है और उनकी जायज मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और संयुक्त संघर्ष समिति के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।



