विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष: हिमाचल में हरित क्रांति की नई शुरुआत, मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया ‘चिनार वृक्षारोपण अभियान’ का आगाज़
शिमला के 'ओक ओवर' से शुरू हुआ पर्यावरण संरक्षण का प्रथम चरण; वानिकी और ईको-टूरिज्म पर महत्वपूर्ण पुस्तकों का हुआ विमोचन

06/06/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राज्य को और अधिक हरित व पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी शिमला स्थित अपने सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ में ‘चिनार वृक्षारोपण अभियान’ के प्रथम चरण का विधिवत शुभारंभ किया।
अपनी घनी छाया, अद्वितीय सुंदरता और उच्च पर्यावरणीय महत्व के लिए विख्यात चिनार के वृक्षों को शिमला की जलवायु के लिए बेहद अनुकूल माना गया है। सरकार की इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के हरित आवरण (Green Cover) को बढ़ाना और आम जनता में पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जगाना है।

वानिकी और ईको-टूरिज्म से जुड़े 4 बड़े प्रकाशनों का विमोचन
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने वन विभाग और पर्यावरण प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तैयार किए गए कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों और कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया:

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‘वन बोध’ (फील्ड हैंडबुक): वन विभाग के अग्रिम पंक्ति (Frontline) के कर्मचारियों के लिए तैयार की गई यह गाइड जमीनी स्तर पर वन प्रबंधन को मजबूत करेगी।
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‘एनवायरनमेंटल MANAGEMENT एंड रेगुलेशंस’: प्रधान मुख्य अरण्यपाल डॉ. संजय सूद द्वारा लिखित यह पुस्तक पर्यावरण नियमों की विस्तृत जानकारी देती है।
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‘फॉरेस्ट्री प्रोजेक्ट्स…’: इस रिपोर्ट में JICA, KfW और IDP जैसी अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय परियोजनाओं के तहत हिमाचल में हो रहे आजीविका सुधार और एकीकृत विकास कार्यों का लेखा-जोखा है।

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75 ईको-टूरिज्म स्थल कॉफी टेबल बुक: हिमाचल प्रदेश के 75 चुनिंदा ईको-टूरिज्म स्थलों पर आधारित यह आकर्षक पुस्तक राज्य के पर्यावरण पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
“ये प्रकाशन केवल सरकारी दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि वन प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और ईको-टूरिज्म के क्षेत्र में शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और आम जनता के लिए ज्ञान का एक समृद्ध स्रोत साबित होंगे।”
— ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री

“युवा ही लिखेंगे हरित हिमाचल का भविष्य”
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण में युवा पीढ़ी की भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए आह्वान किया कि वे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आगे आएं और एक सतत (Sustainable) भविष्य के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
इस संदेश को धरातल पर उतारते हुए मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर के विद्यार्थियों और ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ (राज्य के आश्रित बच्चों) को औषधीय व छायादार पौधे भेंट किए।

कार्यक्रम में मौजूद रहे कई गणमान्य
इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री के साथ राजनीतिक और प्रशासनिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें:
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विधायक विनोद सुल्तानपुरी, सुदर्शन बबलू और हरदीप बावा
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नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान
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हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष के.एस. खाची
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एचपीसीसी के महासचिव विनोद जिंटा
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मुख्य सचिव के.के. पंत
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प्रधान मुख्य अरण्यपाल डॉ. संजय सूद सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।



