जयराम ठाकुर का तीखा हमला: ‘जनहित के भवनों पर तालाबंदी सरकार की नाकामी, बेनकाब हुआ मुख्यमंत्री का झूठ’
बैजनाथ आईटीआई भवन पर ठेकेदार द्वारा ताला लगाने पर भड़के नेता प्रतिपक्ष; बोले— व्हाट्सएप से चल रही ट्रेजरी, खास लोगों को ही हो रहा भुगतान।

VIDYA SAGAR-21/07/2026
शिमला:
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बैजनाथ स्थित आईटीआई (ITI) के नव-निर्मित भवन पर ठेकेदार द्वारा भुगतान न मिलने पर ताला जड़ने की घटना को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। शिमला से जारी एक तीखे बयान में उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार की आर्थिक नीतियों और कार्यप्रणाली का सच अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।
उद्घाटन के बाद भी शैक्षणिक कार्य ठप, मुख्यमंत्री पर दागे सवाल
जयराम ठाकुर ने बैजनाथ आईटीआई भवन का जिक्र करते हुए कहा कि जिस भवन का उद्घाटन खुद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मार्च 2024 में किया था, वहां ढाई साल बाद भी शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं हो पाईं।
“यह बेहद हैरानी की बात है कि मुख्यमंत्री द्वारा शिलापट्ट लगाने के बाद भी भवन विभाग को नहीं सौंपा गया। क्या मुख्यमंत्री ने केवल चुनावी पट्टिका लगाने के लिए उद्घाटन किया था? एक तरफ सरकार युवाओं को नौकरियां नहीं दे रही, और दूसरी तरफ व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने वाले युवाओं के रास्ते में रोड़े अटका रही है।”
— जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
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‘पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं’
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्यों की स्थिति दयनीय हो चुकी है:
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तालाबंदी की घटनाएं: कहीं रेस्ट हाउस पर ठेकेदार ताला लगा रहे हैं तो कहीं बीडीओ (BDO) दफ्तर से भुगतान न होने पर ठेकेदार फर्नीचर उठाकर ले जा रहे हैं।
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अधूरी परियोजनाएं: पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू की गई योजनाओं का बजट या तो रोक दिया गया है या डायवर्ट कर दिया गया है।
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बजट का विरोधाभास: विभागीय मंत्री ‘फंड की कमी’ का रोना रोते हैं, जबकि बजट तैयार करने वाले मुख्यमंत्री बड़े-बड़े दावे करते हैं।
‘ट्रेजरी पर पहरा, व्हाट्सएप से हो रहा भुगतान’
सरकार की वित्तीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में इतिहास में पहली बार ट्रेजरी पर ऐसा पहरा लगा है।
“ट्रेजरी को व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से चलाया जा रहा है। अपनी सुविधा और पसंदीदा लॉबी के हिसाब से लोगों के भुगतान स्वीकृत या रोके जा रहे हैं। जो लोग शर्तें मान रहे हैं उनका भुगतान आसानी से हो रहा है, बाकी ठेकेदारों को भटकाया जा रहा है।”
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जयराम ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने तुरंत ठेकेदारों के लंबित भुगतानों का निपटारा नहीं किया और विकास कार्यों में अड़चनें डालना बंद नहीं किया, तो आने वाले समय में प्रदेश भर में इस तरह की और भी अप्रिय घटनाएं देखने को मिलेंगी।



