सुक्खू सरकार पर बरसे जयराम ठाकुर: “सेब बागवानों के साथ हो रहा सरासर अन्याय; संविधान की धज्जियां उड़ा रही सरकार”
सड़क से सदन तक संग्राम: सेब खरीद पर '30 बोरी की सीमा' तय करने के फैसले पर भड़के पूर्व मुख्यमंत्री; मंडी मेयर शपथ और स्कूल विवाद पर हाईकोर्ट के रुख को बताया तानाशाही की हार।

VIDYA SAGAR- 15/07/2026
शिमला
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हिमाचल प्रदेश में सेब खरीद की नई व्यवस्था को लेकर सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत सी-ग्रेड सेब खरीद पर लगाई गई नई बंदिशों को लेकर सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सरकार के इस कदम को बागवानों के साथ “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा करार दिया है।
इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने मंडी के विभिन्न प्रशासनिक व न्यायिक विवादों पर हिमाचल हाईकोर्ट के कड़े रुख का स्वागत करते हुए प्रदेश सरकार पर राजनीतिक द्वेष और तानाशाही का गंभीर आरोप लगाया है।
🍎 सेब खरीद पर ’30 बोरी की सीमा’ के फैसले पर कड़ा प्रहार
शिमला से जारी एक बेहद तीखे बयान में नेता प्रतिपक्ष ने सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सरकारी दावों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा:
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बागवानों पर नई बंदिश: नए नियमों के मुताबिक, अब एक बागवान से अधिकतम केवल 30 बोरी सी-ग्रेड सेब ही खरीदा जाएगा। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जिन बागवानों का उत्पादन इससे अधिक होगा, वे अपने बचे हुए सेब को लेकर कहां जाएंगे?
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दवाइयों और भुगतान का संकट: बागवानों को न तो समय पर स्प्रे ऑयल मिल रहा है, न गुणवत्तापूर्ण खाद और दवाइयां। यहाँ तक कि एमआईएस के तहत बेचे गए सेब का पुराना भुगतान भी अब तक अटका हुआ है।
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भाजपा की चेतावनी: जयराम ठाकुर ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी बागवानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ भाजपा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।

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⚖️ “हाईकोर्ट के आदेशों से बेनकाब हुई सुक्खू सरकार की तानाशाही”
मंडी जिला के देऊरी स्कूल भवन और मंडी मेयर शपथ विवाद में हिमाचल हाईकोर्ट के कड़े रुख का स्वागत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर लोकतंत्र के अपमान का आरोप लगाया।
“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि केवल राजनीतिक श्रेय लेने और केंद्रीय कांग्रेस नेताओं से उद्घाटन करवाने की जिद में सरकार ने नौनिहालों को तैयार सुरक्षित स्कूल भवन से वंचित रखा। वहीं, मंडी नगर निगम में भाजपा के प्रचंड बहुमत को न पचा पाने के कारण नवनिर्वाचित मेयर सुमन ठाकुर को शपथ न दिलाना सीधे तौर पर जनादेश का अपमान था।”
— जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
📌 मुख्य मांगें और राजनीतिक दबाव:
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सीमा को तुरंत हटाने की मांग: सेब खरीद पर लगी 30 बोरी की अव्यावहारिक सीमा को तुरंत वापस लिया जाए और बागवानों का पुराना भुगतान तुरंत किया जाए।
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संवैधानिक मर्यादा की बहाली: मंडी की नवनिर्वाचित मेयर और डिप्टी मेयर को अविलंब पद की शपथ दिलाई जाए और बच्चों को नए स्कूल भवन में शिफ्ट किया जाए।
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नीतियों में सुधार: दूध और अन्य कृषि-बागवानी उत्पादों की सरकारी खरीद में अड़चनें पैदा करना बंद करे सरकार।
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जयराम ठाकुर ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि देश भर में घूम-घूम कर झूठी वाहवाही लूटने के बजाय मुख्यमंत्री को धरातल पर आकर लोगों की समस्याओं को सुलझाना चाहिए। न्यायपालिका ने सरकार को आईना दिखा दिया है, और अब सरकार को अपनी दमनकारी नीतियों को छोड़ देना चाहिए।



