
26/06/2026-VIDYA SAGAR
हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HAS) के प्रशिक्षु अधिकारियों से राज्यपाल का संवाद; ईमानदारी, पारदर्शिता और नवाचार पर दिया जोर।
शिमला, 26 अप्रैल 2026: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज लोक भवन में प्रदेश के भविष्य के नीति-निर्धारकों के साथ एक महत्वपूर्ण सत्र में भाग लिया। राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (Batch 2025) के 15 परिवीक्षाधीन अधिकारियों (Probationary Officers) के साथ संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि एक कुशल शासन वही है जो पूरी तरह से जन-केंद्रित (People-Centric) हो।

ये अधिकारी वर्तमान में शिमला के सुप्रसिद्ध डॉ. मनमोहन सिंह लोक प्रशासन संस्थान (HIPA), फेयरलॉन्स में अपना प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
सुशासन और नैतिक आचरण की सीख
राज्यपाल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिविल सेवक सुशासन की रीढ़ होते हैं। उन्होंने विशेष रूप से तीन स्तंभों पर बल दिया:
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ईमानदारी और समर्पण: अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय नैतिक मूल्यों से समझौता न करें।
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पारदर्शिता और जवाबदेही: सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचे, इसके लिए ‘परिपूर्ण दृष्टिकोण’ अपनाएं।
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सक्रिय प्रशासन: नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए बदलाव के संवाहक (Change Agents) बनें।
“लोगों की सिविल सेवकों से बहुत अपेक्षाएं होती हैं। आपकी भूमिका न केवल फाइलों के प्रबंधन तक सीमित है, बल्कि राज्य के समावेशी और सतत विकास को सुनिश्चित करने में आप महत्वपूर्ण कड़ी हैं।” — कविन्द्र गुप्ता, राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश
नवाचार और समकालीन चुनौतियों पर चर्चा
राज्यपाल ने युवा अधिकारियों को आधुनिक चुनौतियों जैसे बढ़ता नशा, जलवायु परिवर्तन और जैविक खेती के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नवाचार और प्रौद्योगिकी-आधारित शासन (Tech-based Governance) के माध्यम से इन समस्याओं का प्रभावी समाधान निकाला जा सकता है।

क्षेत्रीय विकास और आत्मनिर्भर भारत का विजन
राज्यपाल ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे राज्य की क्षमता का पूर्ण दोहन करने के लिए कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अवसरों को बढ़ावा दें। उन्होंने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए प्रशिक्षु अधिकारियों को टीम भावना के साथ काम करने और जनहित को सर्वोपरि रखने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर हिपा की निदेशक रुपाली ठाकुर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की, जिसमें फील्ड एक्सपोजर और व्यावहारिक समझ पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज और कोर्स निदेशक संदीप शर्मा भी उपस्थित रहे।



