डिजिटल मार्केटिंग, जीईएम पोर्टल एवं एमएसई-सीडीपी योजनाओं से अवगत हुए कोटगढ़ के उद्यमी
उद्योग विभाग की जागरूकता कार्यशाला में 30 से अधिक उद्यमियों ने लिया भाग, डिजिटल सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं की मिली विस्तृत जानकारी

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- उद्योग विभाग की जागरूकता कार्यशाला में 30 से अधिक उद्यमियों ने लिया भाग, डिजिटल सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं की मिली विस्तृत जानकारी
कोटगढ़ (शिमला), 06 जून 2026।
उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा थानेदार पंचायत, जिला शिमला में “मार्केटिंग एंड डिजिटल लिटरेसी एंड डिजिटल टूल्स फॉर ब्रांड बिल्डिंग”, जीईएम (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल तथा एमएसई-सीडीपी (माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम) योजना पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों और एमएसएमई इकाइयों को डिजिटल तकनीकों, सरकारी खरीद प्लेटफॉर्म और विभिन्न विकास योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना था।
कार्यशाला में कोटगढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न उद्योगों एवं एमएसएमई इकाइयों से जुड़े 30 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज की।

कार्यक्रम में थानेदार पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान श्रीमती सुचेता ठाकुर, एक्सटेंशन ऑफिसर श्री यशपाल तथा रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर श्री अजय कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल तकनीकों को अपनाकर छोटे उद्यमी भी अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर बाजार में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकते हैं।

डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांड बिल्डिंग पर विशेष सत्र
कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र में श्री पुनीत कुमार ने “मार्केटिंग एंड डिजिटल लिटरेसी एंड डिजिटल टूल्स फॉर ब्रांड बिल्डिंग” विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रभावी उपयोग, ऑनलाइन ब्रांड निर्माण, ग्राहक सहभागिता, डिजिटल विज्ञापन और आधुनिक डिजिटल टूल्स के माध्यम से व्यवसाय विस्तार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
एमएसई-सीडीपी योजना की दी गई जानकारी
द्वितीय सत्र में सुश्री विदिशा शर्मा ने एमएसई-सीडीपी योजना की प्रमुख विशेषताओं, क्लस्टर विकास के लाभ, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा स्थानीय एमएसएमई इकाइयों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना छोटे उद्योगों को संगठित विकास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जीईएम पोर्टल पर पंजीकरण और सरकारी खरीद की जानकारी
तृतीय तकनीकी सत्र में श्री तुषार ने जीईएम पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया, उत्पाद सूचीकरण, सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में भागीदारी, टेंडर संबंधी जानकारी और एमएसएमई इकाइयों के लिए उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
प्रतिभागियों ने पूछे सवाल, मिले समाधान
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने अपने व्यवसायों से जुड़े विभिन्न प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे, जिनका संतोषजनक समाधान प्रदान किया गया। उपस्थित उद्यमियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उद्यमिता और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
विभागीय अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल मार्केटिंग, जीईएम पोर्टल और एमएसई-सीडीपी जैसी योजनाएं स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से एमएसएमई इकाइयों को नई संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों और सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे क्षेत्र में उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
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