हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य क्रांति: इस वर्ष के अंत तक विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंगे सभी मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश; अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के लिए 75 करोड़ रुपये जारी, हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज़।

VIDYA SAGAR
शिमला, 10 जुलाई 2026
![]()
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार शाम राजधानी शिमला में स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि इस वर्ष के अंत तक प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों (मेडिकल कॉलेजों) को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस कर दिया जाए, ताकि राज्य के नागरिकों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार: मुख्य बिंदु
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और स्वीकृतियां प्रदान कीं:
-
अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के लिए भारी बजट: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (टांडा), डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (हमीरपुर) और अटल इन्स्टीच्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पैशियलिटी आयुर्विज्ञान चमियाणा (AIMSSS) में विश्वस्तरीय परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
-
PET स्कैन मशीनों की सुविधा: इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (IGMC), शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की जा चुकी है। इसके साथ ही टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों के लिए भी इस मशीन की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
-
मानव संसाधन और नियुक्तियां: स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए हजारों पदों पर भर्ती की गई है। वर्तमान में विभिन्न पैरामेडिकल श्रेणियों के 71 पद और 50 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (JOA-IT) के पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त, पैरामेडिकल श्रेणियों के 162 नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
![]()

मेडिकल छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण दिया जाएगा और हर बैच में 60 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है:
-
IGMC शिमला: तीन लेक्चर थिएटर और एक परीक्षा भवन के निर्माण के लिए 5.76 करोड़ रुपये स्वीकृत।
-
टांडा मेडिकल कॉलेज: नए लेक्चर थिएटर के निर्माण के लिए अतिरिक्त 14.13 करोड़ रुपये का प्रावधान।

चमियाणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का विस्तार
चमियाणा स्थित अटल इन्स्टीच्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पैशियलिटी (AIMSSS) को और मजबूत किया जा रहा है। यहाँ 23.75 करोड़ रुपये की लागत से ‘क्रिटिकल ब्लॉक’ तथा 42 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘अतिरिक्त ब्लॉक’ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन निर्माण कार्यों में तेजी लाने और समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
“हमारा लक्ष्य दिल्ली के AIIMS की तर्ज पर हिमाचल के स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने और आवश्यक स्टाफ की तैनाती के बाद, प्रदेश के लोगों को उनके घर के बिल्कुल नजदीक ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।”
— ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश

![]()
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में महाधिवक्ता अनुप रतन, प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, विशेष सचिव डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।



