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हिमाचल में नशे के खिलाफ महाअभियान: 26 जून को मनाया गया ‘एंटी-चिट्टा दिवस’, ₹13.28 करोड़ के नशीले पदार्थ नष्ट

मुख्यमंत्री के 'एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन' के तहत प्रदेशभर में जीरो टॉलरेंस नीति लागू; 10 स्थानों पर सामूहिक रूप से नष्ट की गई जब्तशुदा ड्रग्स, युवाओं को सुरक्षित भविष्य देने का संकल्प।

VIDYA SAGAR

शिमला, 27 जून:

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 को आरंभ किए गए ऐतिहासिक प्रदेशव्यापी ‘एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन’ के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश को पूरी तरह से नशामुक्त करने के लिए पुलिस बल निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में एक बड़ा कदम उठाते हुए 26 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध और अवैध तस्करी निवारण दिवस’ को संपूर्ण हिमाचल प्रदेश में ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ के रूप में आयोजित किया गया।

हिमाचल के इतिहास में यह पहला ऐसा अवसर है, जब पूरे राज्य में एक साथ, एक ही समय पर इतनी विशाल मात्रा में नशीले पदार्थों का वैज्ञानिक निस्तारण (Disposal) किया गया। इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत द्वारा फ्लैग ऑफ कर संचालित और मॉनिटर किया गया।



10 स्थानों पर ₹13.28 करोड़ का काल बाजार नष्ट

नशे के काले कारोबार के विरुद्ध राज्य सरकार की ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति को दोहराते हुए प्रदेशभर में 10 विभिन्न स्थानों पर एन.डी.पी.एस. (NDPS) अधिनियम के तहत दर्जनों मुकद्मों में जब्त की गई भारी मात्रा में मादक पदार्थों की केस प्रॉपर्टी को सामूहिक रूप से पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। नष्ट किए गए इन मादक पदार्थों का अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 13.28 करोड़ रुपये आंका गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ड्रग माफिया और असामाजिक तत्वों की रीढ़ तोड़ना और उन्हें यह स्पष्ट संदेश देना है कि हिमाचल में उनके काले साम्राज्य के लिए कोई जगह नहीं है।




जन-आंदोलन से जुड़ेगी हर पंचायत और शैक्षणिक संस्थान

इस महाअभियान की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश की होनहार युवा पीढ़ी को चिट्टा और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स के दलदल से बचाना है। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और परिवारों को सजग प्रहरी के रूप में जोड़ना है।

  • नशा निवारण समितियों की बैठकें: प्रदेश की सभी अत्यधिक प्रभावित पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों एवं शासकीय अधिकारियों की उपस्थिति में विशेष बैठकें आयोजित की गईं।

  • नशामुक्ति की शपथ: राज्य के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों और शासकीय कार्यालयों में नशे के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने के लिए सामूहिक शपथ दिलाई गई।



पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त, 112 पर दें सूचना

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने समस्त प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि चिट्टा या किसी भी अन्य मादक पदार्थ की तस्करी, बिक्री, भंडारण या सेवन से संबंधित कोई भी जानकारी तत्काल 112 नंबर पर या अपने निकटतम पुलिस स्टेशन को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व, जनसहयोग तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी से हिमाचल प्रदेश पुलिस ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।


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