हिमाचल में ‘मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना’ का आगाज़; ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा ₹3 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण
"महिलाएं सशक्त बनेंगी, तो पूरा पूरा परिवार होगा सशक्त" — मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू

19/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला: हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अपनी बजट घोषणा के अनुरूप जल्द ही ‘मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना’ शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीण स्तर पर आर्थिक क्रांति की नई शुरुआत होगी।
योजना की मुख्य बातें और पात्रता
इस योजना को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र की उन महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों से आती हैं।
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आय सीमा: योजना का लाभ उन ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹1,000,000 (1 लाख रुपये) से अधिक नहीं है।
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ऋण राशि: हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम के माध्यम से अनुसूचित बैंकों द्वारा ₹3,00,000 (3 लाख रुपये) तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा।
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ब्याज में बड़ी छूट: इस ऋण पर लगने वाले ब्याज का 4 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार खुद वहन करेगी, जिससे महिलाओं पर आर्थिक बोझ बेहद कम हो जाएगा।
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इन व्यवसायों के लिए मिलेगा लोन: डेयरी फार्मिंग, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), सिलाई, बुटीक और ब्यूटी पार्लर जैसी विभिन्न स्वरोजगार इकाइयों की स्थापना के लिए यह ऋण दिया जाएगा।

ग्रामीण आय बढ़ाने के लिए ऐतिहासिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP)
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार केवल अनुदान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ऐसा सशक्त इकोसिस्टम बना रही है जिससे ग्रामीण युवा और महिलाएं कृषि व डेयरी को एक सम्मानजनक और मुनाफे वाले व्यवसाय के रूप में अपना सकें।
किसानों और महिलाओं को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए प्राकृतिक खेती के उत्पादों और दूध के दामों में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है:
| उत्पाद | पुराना मूल्य | नया न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) / खरीद मूल्य |
| गाय का दूध | ₹51 प्रति लीटर | ₹61 प्रति लीटर |
| भैंस का दूध | ₹61 प्रति लीटर | ₹71 प्रति लीटर |
| प्राकृतिक गेहूं | ₹60 प्रति किलोग्राम | ₹80 प्रति किलोग्राम |
| प्राकृतिक मक्की | ₹40 प्रति किलोग्राम | ₹50 प्रति किलोग्राम |
| कच्ची हल्दी | ₹90 प्रति किलोग्राम | ₹150 प्रति किलोग्राम |
| अदरक (पहली बार घोषित) | — | ₹30 प्रति किलोग्राम |
अतिरिक्त लाभ: दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत जो किसान या महिलाएं खुद दूध खरीद केंद्र तक पहुंचाएंगे, उन्हें ₹3 प्रति लीटर का सीधा इंसेंटिव दिया जा रहा है। इसके साथ ही दूध परिवहन सब्सिडी में भी ₹1.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। किसानों के हितों की रक्षा के लिए जल्द ही ‘राज्य किसान आयोग’ का गठन भी किया जाएगा।
अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का विकास ही असली प्रगति: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा:-
“वास्तविक प्रगति का आकलन इस बात से होता है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति कितना समृद्ध है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। बदलती सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए हमारी सरकार महिलाओं को पैरों पर खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”



