हिमाचल हेल्थ बुलेटिन: सरकारी डॉक्टरों के लिए आएगी ‘इनसेंटिव स्कीम’, मिलेंगे 20% अतिरिक्त लाभ: सीएम सुक्खू
चिकित्सा शिक्षा में बड़ा बदलाव: असिस्टेंट प्रोफेसर और पैरा मेडिकल स्टाफ के 230 पदों पर होगी सीधी भर्ती

VIDYA SAGAR
शिमला, 27 मई 2026 हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि प्रदेश सरकार जल्द ही डॉक्टरों के लिए एक विशेष ‘इनसेंटिव स्कीम’ (Incentive Scheme) लागू करेगी।
इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत डॉक्टरों को 20 प्रतिशत इनसेंटिव प्रदान किया जाएगा। राहत की बात यह है कि इस योजना का लाभ चिकित्सा महाविद्यालयों (Medical Colleges) के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसरों को भी मिलेगा।
💼 रोजगार के नए अवसर: भरे जाएंगे 230 पद
चिकित्सा शिक्षा और अस्पतालों में मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने दो बड़ी भर्तियों को हरी झंडी दी है:
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असिस्टेंट प्रोफेसर: मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के 110 पद भरे जाएंगे।
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पैरा मेडिकल स्टाफ: स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए पैरा मेडिकल स्टाफ के 120 पदों पर तत्काल भर्ती की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस चालू वर्ष के भीतर सभी मेडिकल कॉलेजों में नर्सों और तकनीकी स्टाफ के खाली पड़े पदों को शत-प्रतिशत भर दिया जाएगा।
📊 चिकित्सा क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण: सभी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी PG सीटें
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ (Specialist) डॉक्टर स्थानीय स्तर पर ही मिल सकें, इसके लिए सरकार ने प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की सीटों में भारी बढ़ोतरी का निर्णय लिया है:
| मेडिकल कॉलेज का नाम | बढ़ाई जाने वाली कुल पीजी (PG) सीटें |
| इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (IGMC), शिमला | 96 |
| डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर | 67 |
| डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, टांडा | 57 |
| पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, चंबा | 33 |
| डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नाहन | 32 |
| श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मंडी | 29 |
🏥 ₹3000 करोड़ का बजट और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को ‘हेल्थ टूरिज्म’ (Health Tourism) के हब के रूप में विकसित करना उनका मुख्य लक्ष्य है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
“राज्य सरकार ₹3,000 करोड़ रुपये खर्च करके प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के लिए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य जांच उपकरण और आधुनिक मशीनें खरीद रही है।”
— ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
शिमला को मिलेगा नया मातृ एवं शिशु अस्पताल (MCH)
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आईजीएमसी (IGMC) शिमला में एक नए और सर्वसुविधायुक्त मातृ एवं शिशु अस्पताल के निर्माण के लिए जल्द से जल्द संभावनाएं तलाशने और उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के इन ऐतिहासिक फैसलों से आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा, जिससे न केवल आम जनता को बेहतर इलाज मिलेगा बल्कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का मनोबल भी बढ़ेगा।



