हिमाचल में चिकित्सा क्रांति
टांडा मेडिकल कॉलेज में पहला रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट सफल, कांगड़ा ने रचा इतिहास

24/04/2026-VIDYA SAGAR
कांगड़ा/शिमला:
हिमाचल प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सालय (टांडा मेडिकल कॉलेज) ने पहला रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस सफल सर्जरी के साथ ही टीएमसी (TMC) कांगड़ा, आधुनिक तकनीक से जटिल ऑपरेशन करने वाले उत्तर भारत के चुनिंदा संस्थानों में शामिल हो गया है।
रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को मिलेगी राहत
पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले रोबोटिक ट्रांसप्लांट अधिक सटीक और सुरक्षित माना जाता है। इसमें चीरा बहुत छोटा होता है, जिससे मरीज को दर्द कम होता है और रिकवरी बहुत तेजी से होती है। दिव्या हिमाचल के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन ने इस सफलता को पूरी टीम की कड़ी मेहनत और आधुनिक बुनियादी ढांचे का परिणाम बताया है। अब प्रदेश के मरीजों को ऐसी अत्याधुनिक सुविधाओं के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
नशे के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक: मुंबई से कूरियर के जरिए चल रहे तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़
हिमाचल प्रदेश:
ड्रग्स के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को जारी रखते हुए, ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह मुंबई से कूरियर के माध्यम से नशीली दवाइयों की सप्लाई हिमाचल और आसपास के राज्यों में कर रहा था।
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नेटवर्क का तरीका: तस्कर कूरियर सर्विस का इस्तेमाल कर आम पार्सल की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाइयां भेज रहे थे।
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कार्रवाई: विभाग ने तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर इस पूरे कूरियर चेन को इंटरसेप्ट किया और नेटवर्क के मुख्य गुर्गों तक पहुँचने में सफलता हासिल की।
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अग्रिम जांच: पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हिमाचल में किन-किन स्थानों पर इन दवाइयों की सप्लाई की जा रही थी और इस काले कारोबार में कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
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Title: टांडा मेडिकल कॉलेज में बड़ा धमाका!
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Sub-title: पहला रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट सफल; नशे के सौदागरों पर भी विभाग का कड़ा प्रहार।
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Visuals: रोबोटिक सर्जरी मशीन, टीएमसी कांगड़ा की बिल्डिंग और नशीली दवाइयों के पार्सल की सांकेतिक तस्वीर।



