श्रद्धेय आयुष महाजन की स्मृति में रक्तदान शिविर संपन्न: 52 यूनिट रक्त से लिखी सेवा की नई इबारत
चकमोह के शिव मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, ABVP संगठन मंत्री अभिलाष ने युवाओं में भरा जोश; नम आँखों से दी गई श्रद्धांजलि

16/05/2026-VIDYA SAGAR
हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश)-चकमोह
मुख्य समाचार: मानवता की सेवा और अपनों की पावन स्मृति को सहेजने के उद्देश्य से आज ग्राम चकमोह स्थित शिव मंदिर परिसर में श्रद्धेय आयुष महाजन (सुपुत्र श्री राजेश महाजन) के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। पिछले वर्ष की परंपरा को जारी रखते हुए, इस वर्ष भी युवाओं और ग्रामीणों ने भारी उत्साह दिखाया, जिसके परिणामस्वरूप कुल 52 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

श्रद्धांजलि और भावुक क्षण
कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धेय आयुष महाजन को पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अपने लाडले की याद में आयोजित इस पुण्य कार्य के दौरान आयुष महाजन के परिवार के सदस्यों की आंखें नम रहीं, जिसे देख वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो उठा।
मुख्य अतिथि का संबोधन
शिविर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के संगठन मंत्री अभिलाष जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा:-
“रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी और सच्ची सेवा है। आयुष महाजन की स्मृति में युवाओं का यह समर्पण न केवल समाज को एक नई दिशा प्रदान करता है, बल्कि यह संदेश देता है कि परोपकार ही जीवन का असली आधार है।”
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों और गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें शामिल थे:
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पूर्व प्रधान पवन जी, राकेश मेहर जी, और विपिन बिहारी जी।
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आयुष के अभिन्न मित्र शिव और संधू।
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ABVP चकमोह इकाई के अध्यक्ष साहिल जी और उनकी पूरी टीम, जिन्होंने व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आभार व्यक्त किया
शिविर के सफल समापन पर आयुष के पिता राजेश महाजन जी ने अपने छोटे भाई सोम दत्त जी के विशेष योगदान की सराहना की। साथ ही, उन्होंने हेल्प क्लब के अमित जी व उनकी टीम और युवा नेता आशिष ठाकुर जी का सहयोग और समर्थन के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
आयोजकों ने अंत में सभी रक्तदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि समाज के सामूहिक सहयोग से ही ऐसे सेवा प्रकल्प सफल होते हैं।



