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पर्यटन विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने की शिरकत मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश का किया आह्वान

VIDYA SAGAR

शिमला, [26/05/2026]: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पर्यटन उद्योग का विकास वर्तमान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। सरकार पर्यटन को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाना चाहिए, जिससे पर्यटक कम से कम 8-10 दिनों तक यहां ठहरें।


मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार हाई-एंड पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हेलीपोर्ट का निर्माण कर रही है। इस वर्ष जून तक पालमपुर, हमीरपुर, धर्मशाला और चंबा हेलीपोर्ट में हवाई सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। सरकार ने बॉर्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए रिकांगपिओ हेलीपोर्ट के लिए हवाई सेवाएं शुरू की हैं, जिससे एयर कनेक्टिविटी में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से शिमला में बड़े हेलीकॉप्टर की सेवाएं शुरू करने का अनुरोध किया है। चूंकि संजौली हेलीपोर्ट में बड़े हेलीकॉप्टर उतारने में दिक्कत आ रही है, इसलिए शिमला में ही अन्य स्थान पर भूमि का चयन किया जा रहा है।


कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सुरंग और रोपवे निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि शिमला के अलावा धर्मशाला, मनाली और कसौली शहरों को भी नियोजित तरीके से विकसित किया जा रहा है। सरकार ने कांगड़ा जिले को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया है। कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 3500 करोड़ रुपये से भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है और इस वर्ष जून तक भूमि अधिग्रहण पूरा हो जाएगा, जिसके बाद विस्तार कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति के लिए पर्यटकों की सुविधा के लिए जोगिंद्रनगर से भुभूजोत टनल बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला के तपोवन में 5000 लोगों की क्षमता वाले 500 करोड़ रुपये के विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा कांगड़ा जिले में 600 करोड़ रुपये का अंतरराष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर भी स्थापित किया जा रहा है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नैना देवी, ज्वालाजी और चिंतपूर्णी शक्तिपीठों के विकास पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिमला के वैभव को बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है और इसके सौंदर्यीकरण के लिए अनेक परियोजनाएं शुरू की गई हैं। बिजली और अन्य तारों को अंडरग्राउंड डक्ट में बिछाया जा रहा है। शिमला के सर्कुलर रोड को चौड़ा करने के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। टालैंड से आईजीएमसी तक 900 करोड़ रुपये की लागत से सुरंग का निर्माण किया जाएगा। शिमला में पानी की समस्या के समाधान के लिए सतलुज नदी से सुन्नी के पास से पानी उठाने की शुरुआत की गई है। सरकार होटल, वेलनेस सेंटर और वे-साइड एमेनिटीज के निर्माण पर 3000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और स्पोर्ट्स टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है।



जीएसटी लागू होने के बाद बद्दी-बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र से टैक्स के रूप में होने वाले नुकसान की भरपाई पर्यटन क्षेत्र कर सकता है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आग्रह किया कि वे पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने के लिए आगे आएं। सरकार उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी और उनकी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।


कार्यक्रम में विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट, शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल वालिया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।


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