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ग्रेटर नोएडा: 15 वर्षीय गोपाल शर्मा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, पुलिस मुठभेड़ के बाद 3 आरोपी गिरफ्तार

दादी की डांट का बदला लेने के लिए रची गई थी हत्या की खौफनाक साजिश; सोशल मीडिया पर चल रहे अंग भंग के दावों को पुलिस ने बताया अफवाह

VIDYA SAGAR

ग्रेटर नोएडा, 29 मई 2026 उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत बनवारीवास गांव में रहने वाले 15 वर्षीय किशोर गोपाल शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। 21 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए गोपाल का शव 22 मई की रात पड़ोसी गांव रोही के एक खाली मकान में मिला था। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल था, जिसे देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।


मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैर में लगी गोली

अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि बुधवार को जेवर कोतवाली पुलिस की टीम जब साबौता अंडरपास के पास चेकिंग कर रही थी, तब मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया। आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जिनकी पहचान नरेश (निवासी रोही) और उमेश कुमार (निवासी चंपारण, बिहार) के रूप में हुई है। वहीं तीसरे आरोपी मोहित को भी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।



हत्या की वजह: ‘दादी की डांट’ का अपमानजनक बदला

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि गोपाल शर्मा उनके साथ अक्सर हुक्का पीने बैठता था। करीब डेढ़ महीने पहले गोपाल की दादी को जब इस बात का पता चला, तो उन्होंने आरोपियों के गांव जाकर उन्हें जमकर फटकार लगाई थी। इस डांट के कारण गांव में आरोपियों की काफी बदनामी और मजाक उड़ाया गया था, जिसका बदला लेने के लिए उन्होंने गोपाल की हत्या की साजिश रची।


साजिश का खौफनाक अंजाम: 21 मई को आरोपियों ने गोपाल को बहला-फुसलाकर एक सुनसान खंडहर मकान में बुलाया। वहाँ हुक्के के तंबाकू में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिलाया गया, जिससे गोपाल को चक्कर आने लगे। जब वह पूरी तरह सुध-बुध खो बैठा, तो आरोपियों ने उसका सिर दीवार पर दे मारा। सिर पर गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बहने के कारण गोपाल की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद आरोपी शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए।



सोशल मीडिया पर वायरल दावों की सच्चाई: पुलिस ने किया अफवाहों का खंडन

गोपाल की मौत के बाद सोशल मीडिया (Facebook और WhatsApp) पर तेजी से भ्रामक खबरें फैलाई जा रही थीं कि बच्चे की आंखें निकाल ली गईं, जीभ और प्राइवेट पार्ट काट दिया गया या उसे तेजाब से जलाया गया।

ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्र ने इन दावों का सख्त खंडन करते हुए इन्हें पूरी तरह झूठ और भ्रामक बताया है। आधिकारिक पोष्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) के अनुसार, गोपाल के शरीर के किसी भी अंग को काटा या निकाला नहीं गया है। मौत का मुख्य कारण सिर पर लगी गंभीर चोट (Head Injury) है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी संवेदनशील घटनाओं पर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें।


परिजनों का गुस्सा और प्रशासन की कार्रवाई

इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवार में गहरा दुख और रोष व्याप्त है। हालांकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन परिजन आरोपियों का ‘फुल एनकाउंटर’ करने और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस अवैध ‘हुक्का चौपाल’ वाले मकान को बुलडोजर से ढहा दिया है जहाँ यह विवाद शुरू हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कार्यालय भी लगातार पुलिस प्रशासन से रिपोर्ट ले रहे हैं और पीड़ित परिवार को त्वरित व सख्त न्याय का भरोसा दिलाया गया है।


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