बिलासपुर पंचायती राज चुनाव: आज अंतिम चरण का रण; लोकतंत्र के उत्सव में आहुति देने पोलिंग बूथों पर उमड़ी भारी भीड़
सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान, दोपहर 3 बजे तक डाले जाएंगे वोट; कलर-कोडेड बैलेट पेपर से तय होगी दिग्गजों की किस्मत।

बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), 30 मई: हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संस्थाओं (PRI) के चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण के तहत आज ताजनगरी और गोविंद सागर के आंचल में बसे बिलासपुर जिले के शेष बचे ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान की प्रक्रिया पूरी मुस्तैदी के साथ शुरू हो चुकी है। पहले दो चरणों (26 और 28 मई) में बिलासपुर के मतदाताओं द्वारा दिखाए गए जबरदस्त उत्साह (लगभग 79% मतदान) के बाद, आज अंतिम चरण में भी सुबह से ही पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
जिला प्रशासन और राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, मतदान सुबह 7:00 बजे से शुरू हो चुका है, जो दोपहर 3:00 बजे तक निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
कलर-कोडेड बैलट पेपर से हो रहा है मतदान
मतदाताओं को किसी प्रकार का भ्रम न हो, इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा पांच अलग-अलग पदों के लिए विशेष रंग-बिरंगे बैलेट पेपर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है:
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सफेद बैलट पेपर: वार्ड सदस्यों के लिए
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पीला बैलट पेपर: उप-प्रधान पद के लिए
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हरा बैलट पेपर: प्रधान पद के लिए
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गुलाबी बैलट पेपर: पंचायत समिति (BDC) सदस्यों के लिए
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नीला बैलट पेपर: जिला परिषद सदस्यों के लिए
बिलासपुर में महिलाएं फिर रचेंगी इतिहास?
पिछले चरणों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर सहित पूरे हिमाचल में महिला मतदाताओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है। बिलासपुर के घुमारवीं विकास खंड की सेऊ ग्राम पंचायत के भद्रोग गांव की 113 वर्षीय बुजुर्ग महिला मंगलू देवी ने पहले चरण में ‘पिंक बूथ’ पर वोट डालकर जो प्रेरणा दी थी, उसका असर आज भी दिख रहा है। बिलासपुर के विभिन्न बूथों पर आज भी युवा युवतियों और घूंघट की ओट में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी देखते ही बन रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम; आज शाम ही आएंगे नतीजे
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त बिलासपुर के निर्देशानुसार सभी मतदान केंद्रों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। संवेदनशील और अति-संवेदनशील बूथों पर वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
महत्वपूर्ण समय और परिणाम:
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वोटिंग का समय: सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक।
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प्रधान, उप-प्रधान व वार्ड सदस्य: दोपहर 3 बजे वोटिंग खत्म होने के तुरंत बाद काउंटिंग शुरू होगी और आज देर रात तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
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जिला परिषद और पंचायत समिति (BDC): इन पदों के लिए मतपेटियों को सुरक्षित सील किया जाएगा और इनके नतीजे 31 मई को पूरे राज्य के साथ घोषित होंगे।
ग्राउंड जीरो से मुख्य मुद्दे
आज हो रहे मतदान में ग्रामीण बिलासपुर की जनता मुख्य रूप से सड़कों की कनेक्टिविटी, पेयजल की सुचारू आपूर्ति, आवारा पशुओं की समस्या और पंचायतों में विकास कार्यों के ऑडिट जैसे स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर अपने मत का प्रयोग कर रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आज शाम जब मतपेटियां खुलेंगी, तो बिलासपुर के ग्रामीण अंचलों का ताज किसके सिर सजता है।
बिलासपुर जिले के प्रमुख मतदान केंद्र (Block-Wise Vote Centers)
बिलासपुर जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आज अंतिम चरण का मतदान मुख्य रूप से निम्नलिखित विकास खंडों और पंचायतों के निर्धारित केंद्रों पर हो रहा है:
1. घुमारवीं विकास खंड (Ghumarwin Block)
घुमारवीं क्षेत्र में इस चरण में सबसे अधिक सरगर्मी है। यहाँ के प्रमुख मतदान केंद्र निम्नलिखित हैं:
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ग्राम पंचायत सेऊ: राजकीय प्राथमिक पाठशाला (GPS) भद्रोग और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (GSSS) सेऊ केंद्र।
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ग्राम पंचायत पन्तेहड़ा: राजकीय उच्च पाठशाला पन्तेहड़ा परिसर।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (GSSS) कोठी: इस मुख्य केंद्र पर सुबह से ही सबसे ज्यादा चहल-पहल देखी जा रही है, जहां युवा और पहली बार वोट डाल रहे मतदाता काफी संख्या में पहुंच रहे हैं।
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स्थानीय राजकीय प्राथमिक पाठशाला (GPS) केंद्र: महिलाओं और बुजुर्गों की सुविधा के लिए इस बूथ पर विशेष सहायता दल तैनात किए गए हैं।
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अन्य प्रमुख केंद्र: अमरपुर, डंगार, और बारीं पंचायतों के स्थानीय सरकारी स्कूल भवन।
2. सदर बिलासपुर विकास खंड (Sadar Bilaspur Block)
सदर ब्लॉक के ग्रामीण और गोविंद सागर झील के तटीय क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण केंद्र बनाए गए हैं:
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ग्राम पंचायत धौन कोठी: राजकीय प्राथमिक पाठशाला धौन कोठी।
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ग्राम पंचायत बंदला: धार-बंदला स्थित स्थानीय सामुदायिक भवन और स्कूल केंद्र।
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अन्य प्रमुख केंद्र: कलोल, रघुनाथपुरा और छडोल पंचायतों के पोलिंग बूथ।
3. झंडूता विकास खंड (Jhandutta Block)
झंडूता के दूरदराज और सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू मतदान के लिए विशेष व्यवस्था है:
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ग्राम पंचायत गेहरवीं: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गेहरवीं (इसे मॉडल बूथ के रूप में भी तैयार किया गया है)।
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ग्राम पंचायत समोह: स्थानीय पंचायत घर और राजकीय प्राथमिक पाठशाला समोह।
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अन्य प्रमुख केंद्र: नखलहंडा, बरशंड और बलोह के मतदान केंद्र।
4. श्री नैना देवी जी (स्वारघाट) विकास खंड
पंजाब सीमा से सटे होने के कारण यहाँ के केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था सबसे अधिक कड़ी है:
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ग्राम पंचायत जंड़ौरी: राजकीय प्राथमिक पाठशाला जंड़ौरी केंद्र।
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ग्राम पंचायत टोबा: पंजाब बॉर्डर के समीप टोबा स्थित सरकारी स्कूल परिसर।
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अन्य प्रमुख केंद्र: कोट-कहलूर, स्वाहण और बस्सी पंचायतों के स्थानीय पोलिंग स्टेशन।



