“हार की कुंठा से नहीं उबर पाए जयराम”: मंत्रियों का नेता प्रतिपक्ष पर तीखा हमला
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी का संयुक्त बयान; कहा- पंचायत चुनावों के नतीजे खोल देंगे भाजपा के हवाई दावों की पोल

VIDYA SAGAR
शिमला ब्यूरो, 30 मई 2026:
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज शिमला से एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी कर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा हमला बोला है। मंत्रियों ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार की कुंठा से अभी तक उबर नहीं पाए हैं और सुर्खियों में बने रहने के लिए लगातार आधारहीन बयानबाजी कर रहे हैं।
‘चुनावी नतीजों को लेकर लोगों को भ्रमित कर रही भाजपा’
मंत्रियों ने अपने बयान में कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावी नतीजों को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया:-
“यह निर्वाचन पार्टी सिंबल (चुनाव चिह्न) पर नहीं हुए हैं। इसके बावजूद इन चुनावों के परिणामों ने साफ कर दिया है कि भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का धरातल पर क्या हश्र हुआ है। असल में कई धड़ों में बंटी भाजपा के नेता एक-दूसरे को पटकनी देने की होड़ में लगे हैं और अपना अस्तित्व बचाने के लिए मीडिया का सहारा ले रहे हैं।”
नारों से नहीं, काम से चलती है सरकार; राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही सराहना
कांग्रेस सरकार की पीठ थपथपाते हुए मंत्रियों ने कहा कि वर्तमान सरकार काम करने में विश्वास रखती है, न कि भाजपा की तरह केवल नारों और खोखली बयानबाजी में। सरकार की कल्याणकारी नीतियों और व्यवस्था परिवर्तन के प्रयासों के कारण शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य ने नए मुकाम हासिल किए हैं, जिसकी सराहना अब राष्ट्रीय स्तर पर भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लोकप्रियता से छटपटाकर भाजपा नेता अभी से आगामी विधानसभा चुनाव में हार के डर से घबरा रहे हैं।
आर्थिक मोर्चे पर हिमाचल की बड़ी छलांग: प्रति व्यक्ति आय ₹2.83 लाख
प्रेस वक्तव्य में मंत्रियों ने केंद्र की भाजपा सरकार को घेरते हुए राज्य सरकार की वित्तीय और जनकल्याणकारी उपलब्धियों के आंकड़े भी साझा किए:
| योजना / आर्थिक संकेतक | वर्तमान स्थिति एवं लक्ष्य |
| प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) | बढ़कर ₹2.83 लाख हुई, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग ₹64 हजार अधिक है। |
| मुफ्त बिजली योजना | वर्तमान में 125 यूनिट तक (दो मीटरों पर) मुफ्त बिजली; अति गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त देने का लक्ष्य। |
| मनरेगा पर प्रहार | केंद्र सरकार ने मनरेगा जैसी योजना को कमजोर कर ग्रामीण गरीबों को प्रभावित किया। |
| वित्तीय अनुशासन | RDG के रूप में मिलने वाली ₹8-10 हजार करोड़ की वार्षिक सहायता बंद होने के बाद भी राज्य आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर। |
“जनता सच्चाई जान चुकी है, नेता प्रतिपक्ष प्रदेश हित की बात करें”
बयान के अंत में स्वास्थ्य मंत्री और बागवानी मंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर निगम निर्वाचन के अंतिम परिणाम भाजपा के हवाई दावों की पूरी तरह पोल खोल देंगे। जयराम सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व शासन में जनहित को प्राथमिकता नहीं दी गई, जबकि वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर नीतिगत बदलाव किए हैं। मंत्रियों ने नसीहत दी कि प्रदेश की जनता अब पूरी सच्चाई जान चुकी है, इसलिए नेता प्रतिपक्ष को अनर्गल बयानबाजी छोड़कर प्रदेश हित की बात करनी चाहिए।



