लेटस्ट न्यूजशिक्षाहिमाचल न्यूज

एचपीटीयू (HPTU) का बड़ा प्रशासनिक सुधार: प्रवेश परीक्षा प्रणाली होगी पारदर्शी, हर महीने लगेगा नशा निवारण सत्र

कुलपति डॉ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णय; शैक्षणिक परिषद में बदलाव और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष सेल का होगा गठन।

05/06/2026-VIDYA SAGAR

हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश)। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय (HPTU) हमीरपुर में शिक्षा के स्तर को विश्वस्तरीय बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अभिषेक जैन की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रवेश परीक्षा प्रणाली से लेकर छात्र कल्याण और परिसर के बुनियादी ढांचे तक कई महत्त्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगी।

यह सभी प्रयास मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के निर्देशों के तहत विश्वविद्यालय में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।


प्रमुख निर्णय और प्रशासनिक सुधार

१. प्रवेश परीक्षा प्रणाली का पुनर्गठन

विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा प्रणाली को और अधिक दक्ष, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए सिस्टम कमेटी का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके साथ ही, शैक्षणिक गुणवत्ता को निखारने के लिए एकेडमिक काउंसिल (शैक्षणिक परिषद) की संरचना की समीक्षा की जाएगी और आवश्यकतानुसार उसमें उचित संशोधन किए जाएंगे।

२. गोपनीयता बनाए रखने के लिए कर्मचारियों का रोटेशन

विश्वविद्यालय की परीक्षाओं और परिणामों की विश्वसनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गोपनीय शाखा (Confidential Branch) तथा अन्य संवेदनशील शाखाओं में तैनात कर्मचारियों के लिए नई नीति बनाई गई है। संस्थागत अखंडता बनाए रखने के उद्देश्य से अब इन शाखाओं में तैनात कर्मचारियों का सामान्यतः एक या दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर अनिवार्य रूप से स्थानांतरण (ट्रांसफर) किया जाएगा।

३. छात्रों के लिए ‘कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन सेल’

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय परिसर में एक विशेष कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन सेल (Competitive Examination Cell) का गठन किया जाएगा। यह सेल छात्रों को विभिन्न राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उचित मार्गदर्शन और परामर्श (कौंसिलिंग) प्रदान करेगा।

४. नशे के खिलाफ हर महीने विशेष सत्र

युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत विश्वविद्यालय और संबद्ध संस्थानों में प्रत्येक माह के प्रथम सोमवार को ३० मिनट की अवधि का ‘नशा निवारण जागरूकता सत्र’ अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाएगा।


छात्र कल्याण और कैंपस का आधुनिकीकरण

कुलपति डॉ. अभिषेक जैन ने बताया कि बैठक में विद्यार्थियों की दैनिक सुविधाओं और कैंपस लाइफ को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई:

  • परिवहन सुविधा: विद्यार्थियों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के माध्यम से विशेष बस सुविधा शुरू की जाएगी।

  • कैंपस डेवलपमेंट: विश्वविद्यालय परिसर में खेलों को बढ़ावा देने, पुस्तकालय (लाइब्रेरी) को आधुनिक बनाने, नई प्रयोगशाला (लैब) उपकरणों की खरीद और छात्रों के बैठने के लिए वर्षा शालिकाओं (Rain Shelters) का निर्माण किया जाएगा।

  • पर्यावरण संरक्षण: कैंपस के पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय में ‘हरित आवरण’ (Green Cover) बढ़ाने यानी बड़े स्तर पर पौधारोपण करने पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।


लंबित मामलों पर सख्त निर्देश

बैठक के दौरान कुलपति ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि भारत सरकार से संबंधित जितने भी लंबित मामले हैं और प्रदेश सरकार के स्तर पर जो भी स्वीकृतियां या निर्णय रुके हुए हैं, उन पर एक विस्तृत रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत की जाए ताकि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। इसके अलावा, छात्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सामान्य शिकायत निवारण समिति तथा लैंगिक संवेदनशीलता एवं परामर्श प्रकोष्ठ के गठन के लिए भी समयबद्ध कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button