महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा फैला रही ‘जीत का भ्रम’: राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी
पंचायत चुनाव में जीत का झूठा श्रेय ले रहे भाजपा नेता; जब उपचुनाव में 6 सीटें हारे तो जयराम ठाकुर ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया?

05/06/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी देश और प्रदेश के असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए पंचायती राज चुनाव परिणामों को लेकर झूठ का भ्रमजाल फैला रही है। शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नेता पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में जीत का झूठा श्रेय लेकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि आज प्रदेश की जनता पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों पर भाजपा से जवाब मांग रही है, जिससे ध्यान हटाने के लिए यह पूरी बयानबाजी की जा रही है।
पंचायत चुनावों पर भाजपा के दावों की खुली पोल
जगत सिंह नेगी ने आंकड़ों के साथ भाजपा के दावों को खारिज करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें सामने रखीं:
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दलीय आधार पर नहीं हुए चुनाव: उन्होंने याद दिलाया कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव किसी भी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े जाते हैं। इनमें उम्मीदवारों की व्यक्तिगत लोकप्रियता और स्थानीय मुद्दे प्रभावी रहते हैं।
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कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों का दबदबा: इसके बावजूद प्रदेश की 3,754 पंचायतों में से लगभग 2,400 प्रधान और 2,600 उपप्रधान कांग्रेस विचारधारा से जुड़े उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं।
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शहरी निकायों में क्लीन स्वीप: प्रदेश के 53 शहरी स्थानीय निकायों में से 29 पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। कांगड़ा और मंडी जिलों में भाजपा का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो गया है।
ऐतिहासिक जीत: चम्बा और चुवाड़ी में बदला इतिहास
राजस्व मंत्री ने विशेष रूप से जिला चम्बा का उल्लेख करते हुए बताया कि शहरी निकाय के चुनावों में कांग्रेस ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। 10 साल के लंबे अंतराल के बाद चम्बा शहरी निकाय और 15 साल बाद चुवाड़ी नगर निकाय में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही महत्वपूर्ण पदों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार कब्जा जमाया है।
जयराम ठाकुर के ‘सेमीफाइनल’ वाले बयान पर तीखा पलटवार
भाजपा द्वारा इन चुनावों को विधानसभा का ‘सेमीफाइनल’ बताए जाने पर राजस्व मंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि यह न तो कोई सेमीफाइनल था और न ही क्वार्टर फाइनल।
“जब भाजपा ने धनबल के सहारे हिमाचल प्रदेश की लोकतांत्रिक सरकार को गिराने की साजिश रची थी, तब जनता ने उपचुनावों में उन्हें करारा सबक सिखाया। 9 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों में से भाजपा को 6 सीटों पर करारी हार का सामना करना पड़ा। अगर यह कोई पैमाना है, तो नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने उस समय हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया?” — जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री (हि.प्र.)
केन्द्र की नीतियों से ग्रामीण विकास पर संकट: मनरेगा ठप
जगत सिंह नेगी ने कांग्रेस पार्टी के योगदान को याद दिलाते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दूरगामी सोच के कारण ही आज पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और ओबीसी (OBC) वर्ग को आरक्षण का अधिकार मिला है, जिससे लोकतंत्र जमीनी स्तर पर मजबूत हुआ है।
इसके विपरीत, उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया:
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मनरेगा को कमजोर करने का आरोप: केंद्र सरकार ने मनरेगा बजट और व्यवस्था को लगभग खत्म कर दिया है, जिससे पंचायतों को विकास कार्यों के लिए फंड मिलना बंद हो जाएगा।
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रोजगार पर प्रतिकूल असर: वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण नव-निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के सामने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना और रोजगार सृजन करना एक बड़ी चुनौती बन जाएगा।
राजस्व मंत्री ने अंत में कहा कि भाजपा को हवाई चुनावी दावों को छोड़कर जनता से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।



