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एचपी शिवा परियोजना: बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की सख्त चेतावनी, 10 जून तक हर हाल में 586 हेक्टेयर भूमि की पहचान करें

समीक्षा बैठक में कार्यों की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी; 15 जून तक सुधार न होने पर ठेकेदारों को किया जाएगा 'ब्लैक लिस्ट'

06/06/2026-VIDYA SAGAR

शिमला। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज यहां एचपी शिवा परियोजना के दूसरे चरण की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान मंत्री ने परियोजना के कार्यों में हो रही देरी और क्षेत्र चयन की प्रक्रिया पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दूसरे चरण के लिए शेष 586 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान 10 जून से पहले हर हाल में पूरी की जाए।



दूसरे चरण के लिए 3000 हेक्टेयर का लक्ष्य, अभी 2414 पर ही कार्य

बैठक में जानकारी दी गई कि एचपी शिवा परियोजना के पहले चरण में लगभग 3083 हेक्टेयर क्षेत्र को अंतिम रूप देकर कार्य जारी है। वहीं, दूसरे चरण के लिए राज्य के 7 जिलों में 3000 हेक्टेयर क्षेत्र के चयन का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में केवल 2414 हेक्टेयर क्षेत्र का ही मूल्यांकन किया जा रहा है, जबकि 586 हेक्टेयर की कमी पाई गई है। मंत्री ने इस पर चिंता जताई और इसे समय पर पूरा करने को कहा।



किस जिले में कितनी जमीन की हुई पहचान?

अधिकारियों ने बैठक में अवगत करवाया कि सात जिलों में अब तक चिह्नित क्षेत्र इस प्रकार है:

  • हमीरपुर: 532 हेक्टेयर

  • मंडी: 655 हेक्टेयर

  • कांगड़ा: 365 हेक्टेयर

  • बिलासपुर: 297 हेक्टेयर

  • ऊना: 244 हेक्टेयर

  • सिरमौर: 187 हेक्टेयर

  • सोलन: 132 हेक्टेयर

“सौंपे गए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करें। किसी भी परिस्थिति में समय-सीमा में विस्तार नहीं दिया जाएगा। परियोजना के कार्यान्वयन में देरी पर सभी स्तरों पर जवाबदेही तय होगी।”

जगत सिंह नेगी, बागवानी मंत्री



कांगड़ा और हमीरपुर में चल रहे कार्यों की कड़ी समीक्षा

इससे पहले, बागवानी मंत्री ने हमीरपुर जिले के 67 क्लस्टर (लगभग 510 हेक्टेयर) और कांगड़ा जिले के 81 क्लस्टर (लगभग 781 हेक्टेयर) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सिविल कार्यों की स्थिति, चुनौतियों, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विस्तार से चर्चा की।


खराब प्रदर्शन वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर गिरेगी गाज

बागवानी मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को परियोजना गतिविधियों की दैनिक आधार पर निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  1. कड़ी कार्रवाई: ठेकेदारों की चूक पर अनुबंध के तहत प्रशासनिक कार्रवाई और जुर्माना (Penalty) लगाया जाए।

  2. ब्लैक लिस्ट: यदि 15 जून तक प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाती, तो खराब प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट कर अनुबंध रद्द कर दिए जाएंगे।

  3. जवाबदेही: कार्य में गुणवत्ता की कमी पाए जाने पर संबंधित फर्मों के साथ-साथ पर्यवेक्षण (Supervision) के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

जगत सिंह नेगी ने जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड को भी परियोजना स्थलों पर पानी और बिजली की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।



बैठक में ये रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण बैठक में निदेशक बागवानी डॉ. सतीश शर्मा, एचपी शिवा परियोजना के निदेशक डॉ. देविंद्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त निदेशक वीपी बैंस, संयुक्त निदेशक कमलशील और सात जिलों के उपनिदेशक सहित जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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