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सुक्खू सरकार की अनुभवहीनता और गलत नीतियों ने हिमाचल को दो दशक पीछे धकेला: जयराम ठाकुर

'मैं ही ठीक हूँ' की हठधर्मिता और 'ठेकेदार मित्र मंडली' के घेरे से मुख्यमंत्री की विश्वसनीयता खत्म; 3.5 साल में ले डाला 45,000 करोड़ का रिकॉर्ड कर्ज: नेता प्रतिपक्ष।

VIDYA SAGAR

शिमला, 09 जुलाई, 2026

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वर्तमान कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। शिमला में आयोजित एक टीवी चैनल के कॉन्क्लेव में बोलते हुए जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री को ‘अनुभवहीन’ करार दिया और आरोप लगाया कि उनकी हठधर्मिता के कारण आज पहाड़ी प्रदेश विकास की दौड़ में 20 साल पीछे छूट गया है।

जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली से कैबिनेट मंत्री और विधायक इस कदर परेशान हैं कि आगामी चुनावों में सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा नहीं होंगे।


‘संगठन में गुट चलाते थे, सरकार में मित्र मंडली’

मुख्यमंत्री की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा:-

“सुखविंदर सिंह सुक्खू जब कांग्रेस के संगठन अध्यक्ष थे, तब भी वह एक विशेष गुट चलाते थे और आज सरकार में आने के बाद भी वह केवल अपनी ‘ठेकेदार मित्र मंडली’ से घिरे हुए हैं। मंत्रियों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है और इसी वजह से आज पूरा मंत्रिमंडल उनके खिलाफ खड़ा है।”

भाजपा में गुटबाज़ी की खबरों को मुख्यमंत्री की गलतफहमी बताते हुए उन्होंने साफ किया कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है और आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में पिछली कसर को पूरा करते हुए ऐतिहासिक अंतर से कांग्रेस को सत्ता से बाहर करेगी।


आर्थिक कुप्रबंधन: 1 लाख 15 हजार करोड़ पहुंचा राज्य का कर्ज

जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर श्वेत पत्र जैसे आंकड़े पेश करते हुए चौंकाने वाले दावे किए:

  • ऋण का तुलनात्मक आंकड़ा: भाजपा के 5 साल (2018-2022) के कार्यकाल में राज्य का कर्ज ₹48,600 करोड़ से बढ़कर ₹69,000 करोड़ पहुंचा था। वहीं, वर्तमान सुक्खू सरकार ने अपने महज साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में ही ₹45,000 करोड़ का रिकॉर्ड कर्ज ले लिया है।

  • भविष्य का संकट: हिमाचल पर कुल कर्ज अब ₹1,15,000 करोड़ पहुंच चुका है, जो 2027 के अंत तक ₹1,30,000 करोड़ को पार कर जाएगा।

  • योजनाएं ठप्प: जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब जल जीवन मिशन, हिमकेयर, सहारा और शगुन जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं बंद हैं, विकास कार्य ठप्प हैं, तो आखिर यह भारी-भरकम कर्ज का पैसा जा कहाँ रहा है?


भ्रष्टाचार और ठप्प विकास व्यवस्था पर प्रहार

नेता प्रतिपक्ष ने सुक्खू सरकार को आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी हुई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘पेखुवाला सोलर प्रोजेक्ट’ में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके मानसिक दबाव में आकर एक ईमानदार चीफ इंजीनियर को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में 2,000 से अधिक सरकारी संस्थान बंद पड़े हैं। सुबह बंद किए गए कॉलेजों को शाम को विधायकों के दबाव में दोबारा खोलकर सरकार खुद अपनी व्यवस्था का मज़ाक बना रही है।


केंद्र के भरोसे चल रहा हिमाचल

आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए ठाकुर ने कहा कि 2023 की त्रासदी का मलबा आज भी वैसे ही पड़ा है। राज्य सरकार ने अपने घोषित ₹4,500 करोड़ के राहत पैकेज से एक पैसा खर्च नहीं किया; प्रभावितों को केवल केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई मुआवजा राशि ही बांटी गई है। आज स्थिति यह है कि सैलरी और पेंशन के लिए कर्मचारी सड़कों पर धरना दे रहे हैं और राज्य के पास रेलवे लाइन बिछाने तक के लिए अपने हिस्से का बजट नहीं है।


रामपुर नगर परिषद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने की भेंट

इस बीच, रामपुर नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष करण शर्मा, उपाध्यक्ष रोहित नेगी तथा भाजपा पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिमला में जयराम ठाकुर से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा एवं शिमला जिला भाजपा अध्यक्ष केशव चौहान भी उपस्थित रहे।

मुलाक़ात में रामपुर क्षेत्र के समग्र विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष ने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

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