शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ‘वॉटर लॉज ऑफ हिमाचल’ संकलन का किया विमोचन
जल शक्ति विभाग से जुड़े नियमों, नीतियों और प्रशासनिक आदेशों की पहली व्यापक संदर्भ पुस्तक जारी; पारदर्शिता और सुशासन को मिलेगा बढ़ावा।

VIDYA SAGAR
शिमला, 09 जुलाई, 2026
![]()
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज प्रदेश के जल शक्ति विभाग द्वारा तैयार किए गए राज्य के पहले व्यापक कानूनी व प्रशासनिक संकलन ‘वॉटर लॉज ऑफ हिमाचल’ (Water Laws of Himachal) का विधिवत विमोचन किया। इस अनूठी पुस्तक में विभाग से संबंधित सभी प्रमुख अधिनियमों, नियमों, नीतियों, तकनीकी पुस्तिकाओं और प्रशासनिक परिपत्रों (Circulars) को एक ही स्थान पर संकलित किया गया है।
इस महत्वपूर्ण संकलन का संपादन और संकलन जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन, मुख्य अभियंता (शिमला जोन) अभियंता मुकेश हीरा तथा अधीक्षण अभियंता (शिमला जोन) अभियंता विजय कश्यप द्वारा किया गया है।

सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही होगी मजबूत
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जल शक्ति विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक सुशासन को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा:-
“यह संकलन विभागीय अधिकारियों, इंजीनियरों, ठेकेदारों और आम नागरिकों के लिए एक अमूल्य संदर्भ पुस्तक (Reference Book) साबित होगा। इससे राज्य में जलापूर्ति, सीवरेज और सिंचाई सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को बढ़ावा मिलेगा।”
मुख्यमंत्री ने जोड़ा कि कई वर्षों में तैयार हुए कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक प्रावधानों को एक जगह लाने से विभिन्न मंडलों और क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को त्वरित और सही निर्णय लेने में काफी सुविधा होगी।

![]()
हिमाचल को मिल चुका है ‘राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2026’
प्रदेश की जल उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्रदेश ने जल जीवन मिशन के तहत राज्य के 99.9 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंचाने का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल कर लिया है। इसी उत्कृष्ट जल प्रबंधन और बेहतर जनसेवाओं के चलते हिमाचल प्रदेश को इसी वर्ष ‘राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2026’ से भी सम्मानित किया गया है।

क्या है इस संकलन में खास?
‘वॉटर लॉज ऑफ हिमाचल’ पुस्तक में विभाग के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए सभी आवश्यक विषयों को बेहद सरल और व्यवस्थित रूप में शामिल किया गया है:
-
प्रशासनिक व वित्तीय नियम: संचालन संबंधी दिशा-निर्देश, निविदा (Tender) प्रक्रिया, वित्तीय अधिकार और कानूनी मामलों से जुड़े नियम।
-
ठेकेदारों के लिए सहूलियत: ठेकेदारों को पंजीकरण (Registration), टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय स्वीकृति संबंधी नियमों की स्पष्ट जानकारी एक ही जगह मिलेगी।
-
आम जनता को सीधा लाभ: आम नागरिकों को जल शुल्क (Water Tariff), मान्यता प्राप्त जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं की सूची तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत मिलने वाली समयबद्ध सेवाओं की पूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

![]()
गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक विमोचन अवसर पर उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार सहित जल शक्ति विभाग और राज्य सरकार के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।



